सिर्फ आधार व मोबाईल नम्बर से मिनटों में खुलेंगे पेपरलेस खाते – डाक निदेशक केके यादव

 -NH Desk,Lucknow

हाँ कोई नहीं पहुँचता, वहाँ डाकिया पहुँच रहा है। अब डाकिया चलता- फिरता एटीएम बन गया है। ‘इंडिया पोस्ट पेमेंटस बैंक’ के माध्यम से हर किसी के लिए घर से लेकर खेतों तक सहजता से डिजिटल बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम द्वारा अन्य बैंकों में प्राप्त राशि का भी माइक्रो एटीएम द्वारा भुगतान किया जा रहा है। उक्त जानकारी लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव ने दी।

डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि 27 जून को लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के अधीन सभी 6 जनपदों लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, सीतापुर, अयोध्या और अम्बेडकरनगर में  इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की आधार इनेबल्ड पेमेंट्स सिस्टम के अंतर्गत भुगतान हेतु महाअभियान चलाया गया। इसमें एक दिन में 30 हज़ार से अधिक लोगों ने इस सेवा का लाभ लिया और 3 करोड़ 36 लाख से अधिक की राशि अपने बैंक खातों से निकाली। ग्रामीण डाक सेवकों और डाकियों ने लोगों के घर-घर, खेतों-खलिहानों में और श्रमिकों को उनके कार्यस्थल पर जाकर उन्हें उनके बैंक खाते से धनराशि निकाल कर उपलब्ध कराई। यादव ने कहा कि, इस दौरान डाक विभाग द्वारा समाज के हर वर्ग के लोगों को लाभान्वित करने का प्रयास किया गया। साथ ही, अन्य प्रदेशों से आये प्रवासी मजदूरों तथा मनरेगा कामगारों का खास ध्यान रखा गया और उन्हें केंद्र व राज्य सरकारों से मिलने वाली धनराशि उनके कार्यस्थल पर ही तत्काल उनके खातों से निकालकर दी गयी।

डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि एईपीएस सेवा को गाँवों में ही नहीं बल्कि शहरों में भी काफी प्रशंसा मिल रही है। राज्य व केंद्र सरकारों के द्वारा विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत भेजी जा रही डीबीटी राशि लोग घर बैठे ही डाकिया के माध्यम से निकाल रहे हैं। साथ ही, असहाय लोग जो कि शारीरिक रूप से अक्षम हैं, वृद्ध या फिर सुदूर ग्रामीण क्षेत्र जहाँ पर एटीएम की सुविधा उपलब्ध नहीं है वहाँ पर भी डाकिया और ग्रामीण डाक सेवक जाकर बैंक से पैसे निकाल कर लोगों को उपलब्ध करा रहे हैं।

डाक निदेशक यादव ने बताया कि 27 जून के महाभियान में बाराबंकी मंडल ने सर्वाधिक 10,129  लोगों को एईपीएस सेवा के माध्यम से भुगतान किया, वहीं सीतापुर मंडल ने सर्वाधिक 1 करोड़ 5 लाख रूपये एईपीएस के माध्यम से वितरित किये।  लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र की 6 में से 4 शाखाएं बाराबंकी, रायबरेली, सीतापुर व लखनऊ उत्तर प्रदेश में टॉप 10 में अपना स्थान बनाने में सफल रही।

डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, इसी क्रम में 29 जून को महाअभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों  के आईपीपीबी खाते खोलकर उन्हें  इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक से जोड़ा जायेगा। मात्र आधार व मोबाईल नम्बर के आधार पर डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देते ये पेपरलेस खाते खोले जाएंगे। इस अभियान में भी प्रवासी मजदूरों का खास ध्यान रखा जायेगा जिससे कि वे सरकार से प्राप्त होने वाली सहायता राशि बिना कहीं बाहर गए घर पर ही प्राप्त कर सकें।लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र में अब तक 4 लाख 71 हजार से अधिक लोग इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के साथ जुड़ चुके हैं और घर बैठे इसकी सेवाओं का लाभ ले रहे हैं।जहाँ कोई नहीं पहुँचता, वहाँ डाकिया पहुँच रहा है। अब डाकिया चलता- फिरता एटीएम बन गया है। ‘इंडिया पोस्ट पेमेंटस बैंक’ के माध्यम से हर किसी के लिए घर से लेकर खेतों तक सहजता से डिजिटल बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम द्वारा अन्य बैंकों में प्राप्त राशि का भी माइक्रो एटीएम द्वारा भुगतान किया जा रहा है। उक्त जानकारी लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ  कृष्ण कुमार यादव ने दी।

डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि 27 जून को लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के अधीन सभी 6 जनपदों लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, सीतापुर, अयोध्या और अम्बेडकरनगर में  इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की आधार इनेबल्ड पेमेंट्स सिस्टम के अंतर्गत भुगतान हेतु महाअभियान चलाया गया। इसमें एक दिन में 30 हज़ार से अधिक लोगों ने इस सेवा का लाभ लिया और 3 करोड़ 36 लाख से अधिक की राशि अपने बैंक खातों से निकाली। ग्रामीण डाक सेवकों और डाकियों ने लोगों के घर-घर, खेतों-खलिहानों में और श्रमिकों को उनके कार्यस्थल पर जाकर उन्हें उनके बैंक खाते से धनराशि निकाल कर उपलब्ध कराई। यादव ने कहा कि, इस दौरान डाक विभाग द्वारा समाज के हर वर्ग के लोगों को लाभान्वित करने का प्रयास किया गया। साथ ही, अन्य प्रदेशों से आये प्रवासी मजदूरों तथा मनरेगा कामगारों का खास ध्यान रखा गया और उन्हें केंद्र व राज्य सरकारों से मिलने वाली धनराशि उनके कार्यस्थल पर ही तत्काल उनके खातों से निकालकर दी गयी।

डाक निदेशक, कृष्ण कुमार यादव

डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि एईपीएस सेवा को गाँवों में ही नहीं बल्कि शहरों में भी काफी प्रशंसा मिल रही है। राज्य व केंद्र सरकारों के द्वारा विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत भेजी जा रही डीबीटी राशि लोग घर बैठे ही डाकिया के माध्यम से निकाल रहे हैं। साथ ही, असहाय लोग जो कि शारीरिक रूप से अक्षम हैं, वृद्ध या फिर सुदूर ग्रामीण क्षेत्र जहाँ पर एटीएम की सुविधा उपलब्ध नहीं है ववहाँ पर भी डाकिया और ग्रामीण डाक सेवक जाकर बैंक से पैसे निकाल कर लोगों को उपलब्ध करा रहे हैं।

डाक निदेशक यादव ने बताया कि 27 जून के महाभियान में बाराबंकी मंडल ने सर्वाधिक 10,129  लोगों को एईपीएस सेवा के माध्यम से भुगतान किया, वहीं सीतापुर मंडल ने सर्वाधिक 1 करोड़ 5 लाख रूपये एईपीएस के माध्यम से वितरित किये।  लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र की 6 में से 4 शाखाएं बाराबंकी, रायबरेली, सीतापुर व लखनऊ उत्तर प्रदेश में टॉप 10 में अपना स्थान बनाने में सफल रही।

डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, इसी क्रम में 29 जून को महाअभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों  के आईपीपीबी खाते खोलकर उन्हें  इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक से जोड़ा जायेगा। मात्र आधार व मोबाईल नम्बर के आधार पर डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देते ये पेपरलेस खाते खोले जाएंगे। इस अभियान में भी प्रवासी मजदूरों का खास ध्यान रखा जायेगा जिससे कि वे सरकार से प्राप्त होने वाली सहायता राशि बिना कहीं बाहर गए घर पर ही प्राप्त कर सकें।लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र में अब तक 4 लाख 71 हजार से अधिक लोग इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के साथ जुड़ चुके हैं और घर बैठे इसकी सेवाओं का लाभ ले रहे हैं।

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