उत्तर प्रदेश : मुरादाबाद में मेडिकल टीम पर हमले के 17 आरोपितों पर रासुका लगा

मुरादाबाद में कोरोना वायरस से एक व्यक्ति की मौत के बाद लोगों को क्वारंटीन करने के लिए करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया था

-NH Desk,Lucknow

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस टीम पर हुए हमले के मामले में बड़ी कार्रवाई की गयी है. राज्य पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार किए गए 17 लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी रासुका के तहत कार्रवाई की है. आज लखनऊ में उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी ने मीडिया को यह जानकारी दी.

बीते सोमवार को मुरादाबाद के नागफनी थाना क्षेत्र में एक कारोबारी की कोरोना वायरस के चलते मौत हो गयी थी. बुधवार को पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की एक टीम कारोबारी के परिवार और आस-पड़ोस के लोगों को क्वारंटीन करने पहुंची. इसी दौरान कुछ लोगों ने उन पर पथराव शुरू कर दिया. इस हमले स्वास्थ्य टीम और नागफनी थाना प्रभारी को चोटें आयी हैं. एक डॉक्टर को काफी गंभीर चोटे आई थीं.

इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने पुलिस को आदेश दिया था कि इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की जाए.

क्या है राष्ट्रीय सुरक्षा कानून

रासुका यानी राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम-1980 देश की सुरक्षा के लिए सरकार को किसी व्यक्ति को हिरासत में रखने की शक्ति देता है. रासुका लगाकर किसी भी व्यक्ति को एक साल तक जेल में रखा जा सकता है. हालांकि तीन महीने से ज्यादा समय तक जेल में रखने के लिए एडवाइजरी बोर्ड की मंजूरी लेनी पड़ती है. राष्ट्र की सुरक्षा के लिए खतरा होने और कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के आधार पर रासुका लगाया जा सकता है.

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