कोविड -19 संकट के दौरान डाक विभाग लोगों की सेवा के लिए अपने अथक प्रयास जारी रखें:संजय धोत्रे

-NH Desk ,New Delhi

संचार एवं मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री संजय धोत्रे ने वीडियो कांफ्रेंसके जरिये कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान डाक विभाग द्वारा की गई अभिनव पहलों की समीक्षा की। धोत्रे ने आरंभ किए गए विभिन्न उपायों पर संतोष व्यक्त कियाऔर सोशल डिस्टैंसिंग के सभी नियमों का अनुपालन करते हुए राष्ट्र की सेवामें खुद से अधिकतम रूप से प्रयास करने के लिए डाक विभाग को प्रोत्साहित किया।

संजय धोत्रे ने यह भी कहा कि सरकार के कई विभागों को भी डाक विभाग की मजबूत प्रदायगी प्रणाली की आवश्यकता हो सकती है और अंतरविभागीय समन्वयन डाक विभाग को नए अवसरों की पेशकश कर सकता है। मंत्री ने जोर देकरकहा कि एईपीएस को डाक विभाग द्वारा व्यापक रूप से लोकप्रिय बनाया जाना चाहिए और डाक प्रभांगों के डिवीजनल प्रमुखों को नकदी की ग्राहकों के द्वार पर प्रदायगी के लिए जिला कलेक्टरों एवं राज्य प्रशासनो के साथ समन्वय करना चाहिए।

नियंत्रण जोन को छोड़ कर पूरे देश में डाक कार्यालय कार्यशील

डाक  विभाग के वरिष्ठ अधिकारिओं ने बताया कि नियंत्रण जोन को छोड़ कर पूरे देश में अधिकतर डाक कार्यालय कार्यशील हैं और सेवाओं की प्रदायगी कर रहे हैं।दवाओं, कोविड-19 टेस्ट किटों, मास्क, सैनिटाइजर,पीपीई एवं वेंटिलेटरों और डेफिब्रिलेटर्स सहित चिकित्सा उपकरणों सहित अनिवार्य वस्तुओं की प्रदायगी को प्राथमिकता दी जा रही है।

लाॅकडाउन में 28000 करोड़ रुपये का लेन देन

डाक विभाग के अनुसार  20 अप्रैल, 2020 तक लाॅकडाउन की अवधि के दौरान 2100 करोड़ रुपये के बराबर के 84 लाख आईपीपीबी सौदों सहित 28000 करोड़ रुपये के मूल्य के लगभग 1.8 करोड़ डाक कार्यालय बचत बैंक लेनदेन किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, 135 करोड़ रुपये के बराबर के 4.3 लाख एटीएम लेनदेन देश भर में किए जा चुके हैं।

52 लाख प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण भुगतान

इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (एईपीएस) दरवाजे तक किसी भी अनुसूचित बैंक में पड़े खातों से धन की निकासी में सक्षम बनाती है। इस अवधि के दौरान 300 करोड़ रुपये के मूल्य के 15 लाख एईपीएस लेन देन किए गए हैं। लाॅकडाउन अवधि के दौरान 480 करोड़ रुपये के लगभग 52 लाख प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण भुगतान किए गए हैं। आधार सक्षम भुगतान प्रणाली ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के अतिरिक्त बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और पेंशनधारकोंके लिए काफी मददगार साबित हो रही है।

कार्गो उड़ानों, पार्सल रेलगाड़ियों से होती है आपूर्ति

डाक विभाग अनिवार्य वस्तुओं की समय पर प्रदायगी सुनिश्चित करने के लिए कार्गो उड़ानों, पार्सल रेलगाड़ियों और रेड मेल मोटर वाहनों के अपने खुद के बेड़े का उपयोग करता रहा है। डाक विभाग के सभी कर्मचारियों को सेंसिटाइज किया गया है जिससे कि लाॅकडाउन के दौरान दवाओं को भेजने एवं प्राप्त करने में किसी को भी कोई दिक्कत न हो। गुजरात, उप्र, केरल, महाराष्ट्र एवं पश्चिम बंगाल जैसी कई राज्य डाक इकाइयों ने भारतीय दवा निर्माता संघ, स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक, आनलाइन फार्मास्यूटिकल कंपनियों तथा कोविड-19 टेस्ट किट के सप्लायरों से करार किया।

पहियों पर डाक घर

आवश्यकता के अनुसार मूलभूत डाक सेवाएं देते हुए देश के विभिन्न भागों में कार्य कर रहे हैं। स्वैच्छिक योगदानों एवं लाॅजिस्टिक सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए एनजीओ और जिला प्रशासन के साथ साझीदारी करने के जरिये डाक विभाग द्वारा वंचित वर्गों को भोजन एवं सूखे राशन की भी आपूर्ति की जारही है। डाक कर्मचारियों, स्वच्छता कार्यकर्ताओं एवं आम जनता के बीच वितरणके लिए कुछ सर्किलों द्वारा मास्क सिलने का कार्य भी किया जा रहा है।

डाक विभाग के अधिकारी कर रहे व्यक्तिगत पहल

कुछ सर्किलों द्वारा व्यक्तिगत रूप से की जाने वाली विभिन्न पहल सराहनीय हैं । उदाहरण के लिए, रत्नागिरि में, विभाग बगीचों से उत्पादित आमों को चुनने और उनकी अपलोडिंग, परिवहन और गंतव्य स्थानों पर उनकी उतराई सहित आम उत्पादक लॉजिस्टिक सेवाएं प्रदान कर रहा है। कर्नाटकमें, उत्पादकों को नगर के भीतर प्रदायगी करने के लिए बंगलुरू जीपीओ में आम के बक्सों की बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। सभी प्रदायगियां समय सीमा के भीतर की जा रही हैं। 17 अप्रैल, 2020 को भारतीय डाक के कर्नाटक सर्किल ने ऐसे लोगों के लाभ के लिए जो लॉकडाउन के कारण अपने घरों से बाहर निकलने में असमर्थ हैं, एक द्विभाषीय वेब ऐप्लीकेशन ‘ अंचे मित्र‘ लांचकिया।

उत्तर प्रदेश सर्किल में DBT योजनाओं में बाराबंकी डिविजन अव्वल 

नोवेल कोरोना वायरस की आपदा के दृष्टिगत भारतीय डाक विभाग अपनी सामाजिक सहभागिता को सुनिश्चित करते हुए उत्तर प्रदेश के डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव के नेतृत्व  में जिला प्रशासन के सहयोग एवं समन्वय से तथा मुख्य विकास अधिकारी बाराबंकी की देखरेख में डाक विभाग द्वारा ग्राम पंचायत वार विस्तृत कार्य योजना तैयार कर ऐसे लाभार्थियों को उनके ग्राम में कैंप लगाकर अथवा सीधे उनके घर पर AEPS (आधार आधारित भुगतान प्रणाली) के माध्यम से डाक विभाग के कर्मचरियों के द्वारा अन्य बैंको के खातों से रकम का भुगतान माइक्रो ए टी एम, बायो मैट्रिक्स एवं ओ टी पी के आधार पर प्रदान किया जा रहा है |

 

बाराबंकी डाक मंडल में AEPS के माध्यम से बुजुर्ग को पेंशन देता डाककर्मी

साथ ही  गैस सब्सिडी, किसान सम्मान योजना इत्यादि सभी प्रकार की DBT की रकम का भुगतान डाक विभाग के द्वारा किया जा रहा हैं |यह सब लॉकडाउन के नियमों तथा सोशल डिसटेन्सिंग का पूर्ण ध्यान में रख कर किया जाता है |

बाराबंकी डाक मंडल में AEPS के माध्यम से रेहड़ी दुकानदार का भुगतान करता डाककर्मी

बाराबंकी मण्डल के डाक अधीक्षक टी पी सिंह ने बता कि  इस वृहद उद्देश्य की पूर्ति हेतु बाराबंकी जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में 311 डाककर्मी, कस्बों में 29 डाककर्मी तथा बाराबंकी शहर के 18 डाककर्मियों के द्वारा सप्ताह के सातों दिन लाभार्थियों को उनके गाँव के प्राथमिक विद्यालयों ,आँगनबाड़ी केन्द्रों, ग्राम पंचायत भवनों पर ग्राम पंचायत अधिकारी एवम् ग्राम प्रधान की उपस्थिति में उनके बैंक खातों से भुगतान कर रकम सीधे लाभार्थी के हाथ में दी जा रही है । बुजुर्ग महिला व पुरुष तथा विकलांग एवम् बीमार व्यक्तियों को उनके घर के द्वार पर जाकर धनराशि का भुगतान किया जा रहा है,यह सेवा 31 मई 2020 तक इसी प्रकार सप्ताह के सातों दिन जारी रहेगी ।

डाक अधीक्षक टी पी सिंह ने यह भी बताया कि  इस प्रकार लाभार्थी बैंकों की भीड़ में जाने से भी बच रहे हैं और लॉकडाउन के नियमों का भी पूर्ण पालन संभव हो पा रहा है | बाराबंकी डाक मण्डल एवम् जिला प्रशासन के समन्वय से जिला स्तर पर तैयार की गई कार्ययोजना के तहत लाभार्थियों को पेंशन एवम् नरेगा मजदूरी का भी भुगतान डाक कर्मी घर-घर जाकर करेगे। लॉकडाउन के समय इस सेवा के माध्यम से डाक विभाग के द्वारा जनपद के गरीब, असहाय, बीमार, बजूर्गो और जरूरत मंदो लोगो को लाभ में अत्यन्त महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है | डाक विभाग अनिवार्य सेवाओ के अतिरिक्त पुलिस, प्रशासन एवं स्वास्थय विभाग के अधिकारियों के साथ संपर्क कर देश भर में कोविड-19 टैस्टिंग किट, फूड पैकेट, दवाओं के पैकेट आदि की भी आपूर्ति भी कर रहा है |
इस प्रकार जनपद बाराबंकी में डाक विभाग ने दिनांक 10.04.2020 से दिनांक 24.04.2020 के मध्य लगभग 30 हजार से अधिक लाभार्थियों को लगभग तीन करोड़ धनराशि का भुगतान करते हुए DBT योजनाओं का लाभ पहुँचाया है जो उत्तर प्रदेश में जिलेवार सबसे अधिक है |

हरियाणा के डाक मित्र भी कर रहे बेहतर काम

हरियाणा सर्किल की आईटी टीम द्वारा विकसित ‘डाक मित्र‘ को हरियाणा के मुख्यमंत्री द्वारा 21 अप्रैल, 2020 को लांच किए गए पोर्टल के साथ समेकित किया गया है। इस पोर्टल का उद्वेश्य बैंकों में भीड़ प्रबंधन है और यह लोगों को एईपीएस के जरिये डाक घरों से उनके पैसे को प्राप्त करने का विकल्प प्रदान करता है। इस पोर्टल के जरिये इस ऐप में पहले ही 310 आग्रह प्राप्त किए जा चुके हैं।

संचार एवं मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री संजय धोत्रे ने विभिन्न सर्किलों/राज्य इकाइयों को आम लोगों के बीच हेल्पलाइन नंबरों को व्यापक रूप से प्रचारित करने को कहा है जिससे कि वे आसानी से इन सेवाओं का लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति, खासकर, फील्ड में रहने वाला स्टाफ अनिवार्य रूप से मास्क, सैनिटाइजर का उपयोग एवं सोशल डिस्टैंसिंग नियमों जैसी हर सावधानी का पालन करे। उन्होंने यह भी कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों को निचले स्तर के कर्मचारियों का ध्यान रखने का प्रयत्न करना चाहिए और उन्हें प्रोत्साहित रखना चाहिए।

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