डिजिटल बाल मेला में सांसद दिया कुमारी ने बताया राजनीतिक जीवन की शुरुआत नरेंद्र मोदी की मीटिंग से हुई

विक्रम सिंह।

[7/16, 6:57 AMरमंच ​Digital Baal Mela 2021 सीजन2 में आज बच्चों ने राजसमंद सांसद दीया कुमारी से संवाद किया.जिसमें बच्चों ने राजघरानों के तौर- तरीकों के साथ ही राजपरिवारों के राजनीति में योगदान को करीब से जाना. दीया कुमारी ने भी बच्चों के सभी सवालों के जवाब दिये.

 

दीया कुमारी ने बच्चों संग किए शेयर किए अपने राजनीतिक अनुभव:

इस दौरान सांसद दीया कुमारी ने अपने राजनीति अनुभव भी बच्चों के साथ शेयर किए. उन्होंने बताया कि उनके राजनीति जीवन की ​शुरूआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा से हुई थी. राजनीति में आने के लिए उन्हें राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने प्रोत्साहित किया था. वसुंधरा राजे ने ही उन्हें सवाई माधोपुर से चुनाव लड़ने के लिए हौसला दिया था और उनके मन में राजनीति की उम्मीद जगाई. जिसके बाद दीया कुमारी उनकी उम्मीदों पर खरी उतरी और चुनाव में जीत हासिल की.

 

सात साल के राजनीति जीवन से दीया कुमारी को काफी कुछ सीखने को मिला:

अपने सात साल के राजनीति जीवन से दीया कुमारी को काफी कुछ सीखने को मिला है. हालांकि दीया ने ये भी बताया कि उन्होनें कभी राजनीति में आने की योजना नहीं बनाई थी. उनका बचपन से ऐस्ट्रोनेट बनने का सपना था तो वही उन्हें पेंटिग का भी काफी शोैक रहा है. अब राजनीति में आकर दीया एक नयी जिंदगी जी रही है. ऐसे में दीया कुमारी मानती है कि अब जनता की सेवा करना उनके अधिकारों की रक्षा करना ही उनका कर्तव्य है.

 

राजपरिवारों का राजनीति में बड़ा योगदान है:

इस दौरान जब दीया से अहमदाबाद की ताशवी ने पूछा कि राजपरिवारों का राजनीति में किस तरह का और क्या योगदान है तो दीया कुमारी ने जवाब देते हुए कहा ये काफी बड़ा योगदान है. देश के अलग- अलग राजपरिवारों ने समाज के लिए बहुत काम किए है. उन्होंने स्कूल, यूनिवर्सिटीज, देश की ऐतिहासिक चीजें बनाने देश को एक नयी पहचान दिलाने के लिए अपना योगदान दिया है. इसी के साथ दीया कुमारी ने जयपुर शहर का उदाहरण बच्चों के सामने पेश किया और सिटी पैलेस, आमेर, नाहरगढ़ के साथ ही महाराजा कॉलेज, राजस्थान यूनिवर्सिटी, जयपुर की प्रसिद्ध सड़कों का नाम लिया.

 

राजपरिवारो के इस योगदान के कारण ही लोगों को विश्वास जमा हुआ है:

दीया ने बताया कि राजपरिवारो के इस योगदान के चलते ही आज लोगों का भी राजपरिवार के सदस्यों में विश्वास है.वे उनसे उम्मीद करते है और मैं भी कोेशिश कर रही हूं कि इस योगदान में जनता की उम्मीदों पर खरी उतरूं. इसीलिए मेरी कोशिश हमेशा देश में बच्चों की शिक्षा और निर्माण कार्य के विकास पर होती है.

 

स्कूली शिक्षा में राजनीति पढ़ाई जानी चाहिए?

इसी के साथ जब सेशन के दौरान बच्चों ने सांसद दीया कुमारी से पूछा कि क्या बच्चों की स्कूली शिक्षा में राजनीति पढ़ाई जानी चाहिए. इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यूं तो बड़ी कक्षाओं में राजनीति विज्ञान विषय है, लेकिन बच्चों की रूचि को देखते हुए लगता है कि इसे छोटी कक्षाओं से ही पढ़ाना शुरू कर देना चाहिए. उन्होंने कहा कि बच्चों को राजनीति से जुड़ी पुस्तकें पढ़नी चाहिए. साथ ही यह भी कहा कि जन प्रतिनिधियों को बच्चों के विचारों को जानना चाहिए, क्योंकि बच्चों के विचार किसी विचारधारा से प्रभावित नहीं होते हैं.

 

बच्चों की राजनीति में ललक देख दीया कुमारी हुई हैरान:

बच्चों से संवाद में आये विचारों और उनकी राजनीति में इस ललक को देखकर दीया कुमारी हैरान हो गई और उन्होंने बच्चों की बात को संसद में लाने की बात भी कही. अपने बच्चों के राजनीति रूचि को लेकर दीया कुमारी ने बताया कि वो फिलहाल पढ़ाई कर रहे है हालांकि वो दीया को राजनीति के हर काम के लिए प्रोत्साहित करते रहते है. उन्हें हमेशा सपोर्ट करते है.

 

ललिता बाबल बनी आज के संवाद की लीडर:

नागौर की ललिता बाबल ने आज के संवाद के लीडर का ताज अपने नाम किया. उन्होंने दीया कुमारी से राजतंत्र और लोकतंत्र के अंतर को जानने में दिलचस्पी दिखाई.जिसका जवाब देते हुए दीया कुमारी ने भी बताया कि उन्होनें राजतंत्र में कभी अपना जीवन नहीं जिया सिर्फ उनकी तरह कहानियां ही सुनी है. लेकिन दोनों में एक चीज बिल्कुल मेल खाती है जो कि है जनता की सेवा. इसलिए उनके पूर्वज ने भी उन्हें जनता की सेवा करने के लिए उन्हें हमेशा प्रोत्साहित किया है तो वही लोकतंत्र भी उन्हें ये कर्तव्य निभाने की ओर अग्रसर करता है.

 

बच्चों की सरकार भविष्य का बहुत बड़ा कार्यक्रम:

डिजिटल बाल मेला में बच्चों से संवाद कर दिया ने अपने अनुभव भी शेयर किए. उन्होंने बच्चों की सरकार को भविष्य का बहुत बड़ा कार्यक्रम बताया तो साथ ही डिजिटल बाल मेला का पोस्टर हाथ में लेकर ज़्यादा से ज़्यादा बच्चों को इस अभियान से जुड़ने की अपील भी की.

 

15 जून से शुरू हुआ था बच्चों संग राजनेताओं का सीधा संवाद:

आपको बता दें कि इससे पहले बच्चों संग सीधा संवाद सेशन की शुरूआत में 15 जून को राजस्थान के श्रम राज्यमंत्री टीकाराम जूली आए थे. जहां उन्होनें बच्चों से बालश्रम मुद्दे पर बात की और बच्चों को इसे रोकने के सुझाव भी दिये. इसके बाद 16 जून को बीजेपी के युवा विधायक रामलाल शर्मा ने बच्चों संग वोट देने के अधिकारों पर बात की.गौरतलब है कि बच्चे हमेशा से ही चुनाव प्रक्रियाओं के बारे में सुनते आये है.

 

देश में 18 वर्ष की उम्र में ही मतदान का है अधिकार:

भारत देश में 18 की उम्र के बाद ही वोट देने की अनुमति है ऐसे में बच्चों का सवाल जायज है कि उन्हें वोट देने से वंचित क्यों रखा जाता है. बच्चों के बीच सूजानगढ़ विधायक मनोज मेघवाल आए थे जिनसे बच्चों ने तनाव से कैसे दूर रखा जाए इस पर सवाल किए.

 

बच्चों ने कोरोना काल में बड़ा योगदान रहा:

इसके साथ ही छात्र नेता ललित यादव ने भी बच्चों संग सीधा संवाद किया था और उन्होनें बच्चों की राजनीतिक में रूचि को देश का सुनहरा भविष्य भी बताया. बाल मेला के मंच पर 19 जून को विधायक अविनाश गहलोत ने बच्चों संग सीधा संवाद किया जिसमें उन्होंने बच्चों का कोरोना काल में सबसे बड़ा योगदान बताया. इसके अलावा 20 जून को ही ही बच्चों ने योगा ट्रेनर दिव्या शेखावत से बात की इस दौरान दिव्या ने बच्चों को योगा का महत्व समझाया तो वही उनसे हेल्थी चीजें खाने के प्रति भी जागरूक किया.

 

अमेरिका निवासी श्वेता बैद ने भी किया था बच्चों से सीधा संवाद:

21 जून को अमेरिका से श्वेता बैद ने भी बच्चों संग सीधा संवाद किया था. उन्होनें बच्चों को शहरों की साफ- सफाई पर संज्ञान दिया था. इस संवाद में बच्चों ने श्वेता से अमेरिका के कल्चर के बारें में और वहां के नियमों के बारें में भी काफी सवाल- जवाब किये. तो वही डिजिटल बाल मेला के मंच पर मेंटल हेल्थ को लेकर मनोचिकित्सक डॉ अनीता गौतम ने बच्चों संग सीधा संवाद किया इस दौरान उन्होंने महामारी में नेगेटिवि​टी का शिकार हो रहे बच्चों को खुश रहने और हर चिंता को दूर करने के टिप्स दिये.वही मेंटल हेल्थ जैसे गंभीर विषय पर बात की.

 

विश्वप्रसिद्ध रूमा देवी से भी किया सीधा संवाद:

वही इस दौरान बच्चों ने विश्वप्रसिद्ध रूमा देवी से भी सीधा संवाद किया जिसमें रूमा देवी ने अपने सफर के बारे में बात की तो वही बच्चों को कोरोना काल मे अपने आपको व्यस्त रखने के भी कुछ जरूरी टिप्स दिये. बच्चों ने रूमा देवी संग हुए इस संवाद में अपनी हर जिज्ञासा को शांत किया और वही इस संवाद में उन्हें काफी कुछ सीखने को मिला. वही Digital Baal Mela के मंच पर आदर्श नगर विधायक रफीक खान आये जिन्होंने बच्चों को राजनीति में कदम रखने के लिए टिप्स दिये. और बच्चों को राजनीति का सही मायनों मे मतलब समझाया.

 

सीकर सांसद सुमेधानंद सरस्वती से राजनीति और संस्कारों के बीच रिश्ते का संज्ञान लिया:

इसके साथ ही बच्चों ने सीकर सांसद सुमेधानंद सरस्वती से राजनीति और संस्कारों के बीच रिश्ते का संज्ञान लिया. जिसमे बच्चों ने अपनी भारतीय संस्कृति से हमेशा बने रहने की सीख ली.तो वही बच्चों ने राजस्थान के उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी से ऑनलाइन क्लासेज और शिक्षा के बदलते स्वरूप पर चर्चा की. वही बच्चों से राजस्थान के राजस्व मंत्री हरीश चौधरी लाइव जुड़े थे जिन्होंने बच्चों से सरकार के बजट में बच्चों का कितना हिस्सा’ विषय पर संवाद किया.

 

डॉ अजयवर्धन आचार्य ने बच्चों संग किया राष्ट्र की शिक्षा नीति पर संवाद:

इसी के साथ डॉ अजयवर्धन आचार्य ने बच्चों संग राष्ट्र की शिक्षा नीति पर संवाद किया. तो वही 3 जुलाई को मनोवैज्ञानिक डॉ मनीषा गौड़ ने बच्चों को अपने मन की बात शेयर करने के टिप्स दिये. तो वही 5 जुलाई को बच्चों ने शिक्षा के बदलते स्वरूप पर पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी से संवाद किया था.

 

मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने तीसरी लहर के बारें में बच्चों से की थी बात:

वही 7 जुलाई को डिजिटल बाल मेला के मंच पर डॉ सुभाष गर्ग आए जिन्होंने बच्चों से तीसरी लहर के बारें में बात की. इसके अलावा 9 जुलाई को पीसीसी सचिव ने भी पर्यावरण संरक्षण में बच्चों का योगदान बताने हुए संवाद किया, तो वही 12 जुलाई को आरजे कार्तिक ने डिजिटल बाल मेला के मंच पर बच्चों को अच्छा वक्ता बनने के टिप्स दिये. तो वही राज्यसभा सांसद नीरज डांगी ने भी बच्चों संग संवाद किया और उन्होंने बच्चों को राज्यसभा और लोकसभा के बीच का अंतर समझाया.

 

हर दिन शाम 4 बजे बच्चे करे राजनेताओं से सीधा संवाद:

बता दें ​Digital Baal Mela2021 सीजन2 में हर दिन शाम 4 बजे Digital Baal Mela द्वारा आयोजित गूगल मीट पर राजनेताओं संग बच्चों का सीधा संवाद सेशन आयोजित किए जाएगा. जहां बच्चे घर बैठे देश की सरकार के सामने अपने सवाल रख सकते है और अपने मन की बात कर सकते है.

 

राजस्थान विधानसभा जाएंगे बाल राजनीति में शामिल हो रहे विजेता बच्चे:

14 नवंबर को बाल राजनीति में शामिल हो रहे विजेता बच्चों को राजस्थान विधानसभा के विशेष बाल सत्र में जाने का मौका दिया जाएगा. जहां बच्चे अपनी सरकार और उनकी कार्यविधि को करीब से जानेंगे.ये बच्चों के लिए एक बड़ा मौका है जिसके लिए बच्चों को सिर्फ अपने मन की बात देश के सामने लाने के लिए डिजिटल बाल मेला में अपनी एंट्री भेजनी है और फिर देश जानेंगा बच्चों की जुबानी ‘बच्चों की सरकार कैसी हो’..

 

Digital Baal Mela की वेबसाइड के साथ अब बच्चे व्हॉटसप पर भी भेज सकते है अपनी एंट्री:

डिजिटल बाल मेला सीजन2 में बच्चों की सरकार कैसी हो की किसी भी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए बच्चों को अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा जिसके लिए बच्चे रजिस्ट्रेशन के लिए वेबसाइड www.digitalbaalmela.com के साथ ही डिजिटल बाल मेला के व्हॉटसप नंबर 8005915026 पर भी अपनी एंट्री भेज सकते है.

Review डिजिटल बाल मेला में सांसद दिया कुमारी ने बताया राजनीतिक जीवन की शुरुआत नरेंद्र मोदी की मीटिंग से हुई.

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