दस दिन में दो हाथियों की मौत पर हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान, राज्य सरकार से मांगा जवाब

NH DESK-JHARKHAND

NEWS BY -JITENDRA KUMAR

लातेहार जिले में पिछले 10 दिनों में दो हाथियों की मौत पर झारखंड हाईकोर्ट ने शुक्रवार को स्वतः संज्ञान लिया। अदालत ने इस मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा है। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत ने मीडिया में हाथियों की मौत की खबर पर स्वतः संज्ञान लेते हुए पर्यावरण सचिव और हेड ऑफ फॉरेस्ट को अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया है।

कोर्ट ने सरकार से बताने के लिए कहा है कि ऐसा क्यों हो रहा है। क्या कोई बीमारी फैल रही है या नियमित पेट्रोलिंग नहीं हो रही है। क्या जंगल में मरे हुए जानवरों के मांस खाने वाले जानवरों की कमी हो गई है। यदि ऐसा है तो यह बहुत गंभीर मामला है। दोनों अधिकारियों को 16 सितंबर को ऑनलाइन अदालत में हाजिर होकर जवाब देना है।

दरअसल, लातेहार में 30 अगस्त और नौ सितंबर को दो हाथियों की मौत हो गई थी। लातेहार के बालूमाथ थाना क्षेत्र के गणेशपुर ग्राम अंतर्गत हाड़ी जंगल में नौ सितंबर को हाथी के एक बच्चे का शव मिला था। इसकी सूचना वन विभाग को दी। वन विभाग के अधिकारी सहित कई लोगों ने घटनास्थल पर पहुंचे थे।

जंगल में एकत्र हाथियों का झुंड हुआ उग्र

हाथी के बच्चे की मौत के बाद हाथियों का झुंड इसी जंगल में एकत्र है। झुंड काफी उग्र दिख रहा है। गुरुवार को वन विभाग पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सूर्यवंशा ठाकुर और डॉ विजय कुमार सिन्हा व बेतला की पीटीआर की टीम ने मृत हाथी के बच्चे के शव का पोस्टमार्टम किया। हाथी के कई अंगों को फॉरेंसिक टेस्ट के लिए बाहर भेज दिया गया है।

हाथी की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए मेटल डिटेक्टर से अगल-बगल की जांच की गई है। बालूमाथ रेंजर ने कहा कि हाथी की मौत लगभग तीन-चार दिन पहले हो गई थी। लातेहार जिले में हाल के दिनों में हाथी के बच्चे की यह दूसरी मौत है। 30 अगस्त को चंदवा प्रखंड में एक हाथी के बच्चे की मौत संदिग्ध अवस्था में हो गई थी। इसी मामले में हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए सरकार से जवाब तलब किया है।

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