दुनिया के हर कोनें में नवोदय स्थापना दिवस मनाते हैं नवोदयंस

-NH DESK, Rajasthan

जवाहर नवोदय विद्यालय भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा चलाई जाने वाली पूरी तरह से आवासीय, सह शिक्षा, केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, नई दिल्ली से संबद्ध शिक्षण परियोजना है।राष्ट्रीय शिक्षा नीति – 1986 के अन्तर्गत ऐसे आवासीय विद्यालयों की कल्पना की गई जिन्हें जवाहर नवोदय विद्यालय का नाम दिया गया, जो सर्वश्रेष्ठ ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे लाने का उत्तम प्रयास हैं।यह विद्यालय पूर्णतः आवासीय एवं निःशुल्क विद्यालय होते हैं जहाँ विद्यार्थियों को नि:शुल्क आवास, गणवेश, एवं पाठ्यपुस्तक , शिक्षा एवं खेलकूद सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। इसके लिए 28 फरवरी 1986 को भारतीय सामजिक अधिनियम के अंतर्गत एक स्वायत्त संस्था नवोदय विद्यालय समिति का गठन किया गया । नवोदय विद्यालय समिति के ज़रिए भारत सरकार द्वारा संचालित ये विद्यालय संपूर्ण वित्तीय सहायता प्राप्त हैं।
आरम्भ में प्रयोग के तौर पर 1986 में ही 2 नवोदय विद्यालय खोले गए । एक झज्जर (हरियाणा) और दूसरा अमरावती (महाराष्ट्र) में। प्रयोग सफल रहा और देश भर में इन विद्यालयो की श्रृंखला शुरू की गई।
1989 में प्रथम प्रधानमंत्री प.जवाहरलाल नेहरू की जन्म शताब्दी पर इनका नाम बदल कर जवाहर नवोदय विद्यालय कर दिया गया।
आज देश भर में तमिलनाडु को छोड़कर 28 राज्यो और 7 केंद्रशासित प्रदेशो में कुल 598 जनवि हैं जिनमे से 591 विद्यालय सुचारू रूप से कार्यरत हैं , शेष अतिशीघ्र शुरू होने वाले हैं।
इस परियोजना की सफलता को देखकर
वर्ष 2016 के आम बजट में वर्तमान केंद्रीय सरकार ने 62 और नए नवोदय विद्यालय खोलने की घोषणा की थी ।
नवोदय विद्यालयों की सफलता और प्रसिध्दि को विस्तार देने के लिए नवोदय विद्यालय समिति ने हर वर्ष 13 अप्रैल को नवोदय स्थापना दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की है। देश भर के समस्त नवोदय विद्यालय आज का दिन स्थापना दिवस के रूप में धूमधाम से मनाते हैं।

आज पूरे राष्ट्र में लगभग 11 लाख पूर्व छात्र -छात्रा(अलुम्नी ) हैं जो नवोदय विद्यालय से पढ़कर विविध क्षेत्रो में सफल हुए हैं। भारतीय प्रशासनिक सेवाओं , चिकित्सा , इंजीनियरिंग , पत्रकारिता , वैज्ञानिक , लेखक, चार्टर्ड अकाउंटेंट , फैशन डिज़ाइनर ,अभिनय ,गायन ,खेलकूद , समस्त सेनाओ से लेकर व्यापर और स्वरोजगार में लगे ये सभी पूर्वछात्र राष्ट्रोत्थान और समाज निर्माण में अपना योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में उच्च शिक्षण संस्थानों में नवोदय से पढ़ कर आये छात्रों का प्रतिशत बहुत तेजी से बढ़ रहा है। आज नवोदय विद्यालय एक सरकारी संसथान होने के बावजूद उत्कृष्ट शिक्षा और बेहतर परीक्षा परिणामों की वजह से शीर्ष पर है। पिछले कई वर्षो से केंद्रीय माध्यमिक बोर्ड के परीक्षा परिणामों में नवोदय विद्यालय ने केंद्रीय विद्यालय और अन्य प्राइवेट संस्थानों को पीछे छोड़ते हुए प्रथम स्थान पर कब्ज़ा जमाए हुआ है।

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