मुंडारा के युवक की पुष्कर सरोवर में डूबने से मौत

मां की अस्थियां विसर्जन के लिए गए बेटे की परिवार की आंखों के सामने पुष्कर सरोवर में डूबने से मौत, पत्नी बेसुध, बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल

पाली जिले के मुंडारा गांव निवासी एक युवक मां के देहांत के बाद परिजनों के साथ पुष्कर अस्थियां विसर्जन के लिए पहुंचा। इस दौरान पुष्कर सरोवर में गहरे पानी में चले जाने से परिवार के तीन युवक डूबने लगे। वहां मौजूद लोगों ने दो युवको को बचा लिया लेकिन मां की अस्थियां विसर्जन के लिए पहुंचा 32 वर्षीय गमनाराम पुत्र पुनाराम परिहार (घांची) की डूबने से मौत हो गई। काफी मशक्कत के बाद मृतक का शव निकाला जा सका। मंगलवार दोपहर को परिवार के अधिकतर सदस्यों को बस से मुंडारा के लिए रवाना किया गया तथा मृतक का शव लाने के लिए परिवार के कुछ सदस्य पुष्कर ही रूक गए।

पूरा परिवार गया था पुष्कर
केसाराम परिहार ने बताया कि मृतक गमनाराम व उसके भाईयों का परिवार काम काज के सिलसिले में पूना रहता हैं। मृतक गमनाराम की मां पोनीबाई की 90 वर्ष की उम्र में 28 सितम्बर को पूना में मौत हो गई थी। 29 सितम्बर को अंतिम संस्कार कर गमनाराम, उसका भाई मोहनलाल, गुलाबराम,कांतिलाल का परिवार अपने गांव मुंडारा मां की पुष्कर प्रसादी करने आ गया। सोमवार रात करीब 11 बजे चारों भाईयों व बहन का परिवार निजी बस कर मुंडारा से पुष्कर के लिए रवाना हुए। बस में परिवार में करीब 50 से ज्यादा लोग थे। जिनमें मृतक की पत्नी, बच्चे भी शामिल थे। मंगलवार सुबह अस्थी विसर्जन व पूजा-पाठ के बाद गमनाराम व उसके दो रिश्ते के भाई नहाने के लिए पुष्कर सरोवर में उतरे। तीनों को तैरना नहीं आता था। इस दौरान वे गहरे पानी में चले गए। उन्हें डूबता देख वहां खड़े तीर्थ पुरोहित गोताखोरों ने दो युवकों को तो बचा लिया लेकिन इस दौरान गमनाराम गहरे पानी में डूब गया। जिसका शव करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद निकाला जा सका।

पति को डूबता देख पत्नी हुई बेसुध, बेटा-बेटी का रो-रो कर बुरा हाल
जानकारी के अनुसार मृतक गमनाराम पूना में फैंसी स्टोर की दुकान संचालित करता था। उसकी शादी करीब 15 शादी पहले सादड़ी निवासी नर्मदा देवी से हुई थी। उसके 13 साल की बेटी उर्मिला व 9 साल का बेटा मयंक हैं। हादसे के समय वे भी उनके साथ पुष्कर में ही थे। पति को अपनी आंखों के सामने डूबता देख पत्नी नर्मदा बेसुध हो गई। मृतक के बेटे-बेटी का भी रो-रो कर बुरा हाल हो गया। दोपहर को परिवार के कुछ सदस्यों को छोड़कर शेष को वापस मुंडारा के लिए रवाना कर दिया गया। बाद में आवश्यक कार्रवाई के बाद एम्बुलेंस में मृतक का शव परिजन लेकर मुंडारा के लिए रवाना हुए। मुंडारा में मृतक के घर पर उनकी एक भाभी ही थी। बीमार रहने के कारण वह पुष्कर नहीं गई थी। शेष परिवार के सदस्य पुष्कर गए हुए थे।

 अक्टूबर को तय की थी मां की पुष्कर प्रसादी, चिटि्टयां भी बांट दी
मृतक की मां पोनीबाई की 28 सितम्बर को मौत हो गई थी। उनके पीछे परिवार के लोगों ने 8 अक्टूबर को पुष्कर प्रसादी का आयोजन रखा था लेकिन इसी बीच पोनीबाई के छोटे बेटे गमनाराम घांची की नहाने के दौरान पुष्कर तालाब में डूबने मौत हो गई। इस हादसे ने परिवार के लोगों को तोड़कर रख दिया।

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