मेरी धरती ,बुन्देलखण्ड का दर्द

बुन्देलखण्ड राज्य  बनाने की मांग वर्षों से चल रही है उमा भारती ने बुन्देलखण्ड के लोगो से वादा किया था कि भाजपा की सरकार बनते ही बुन्देलखण्ड राज्य का दर्जा मिलेगा ,लेकिन सत्ता मे आते ही यह राजनेताओं ने भुला दिया, जनता ढगा महसूस करने लगी है ।बुन्देलखण्ड की अपार सम्पदा जिसमे हीरा, गे्नाइट , बालू की अपार खदानें है इन्हे सालो से लूटा गया ,लेकिन विकास नहीं किया गया व रोजगार भी नहीं मिला ,बता दे कि कबरई एशिया की सबसे बडी मंडी कभी होती थी जितना पहाण धरती से ऊपर था उससे अधिक नीचे गहराई मे खनन हुआ .कबरई के प्रदूषण के बारे मे सभी भारतीय जानते है सभी संस्थान आंख बन्द कर बैठे रहे .कबरई के पहाण खत्म हो गये तो मध्यप्रदेश के जिला छतरपुर तहसील गौरिहार के गा्म बदौरा कला व घटहरी मे के्शर लगने शुरू हुई .इतना खनन हो रहा है कि गांव का वजूद मिटने लगा है .गा्म वासी शिकायत लेकर कलेक्टर के पास जाते है तो खाना पूर्ति होती है .ये मानव व प्रकिति  का सवाल है .हमे दोनों मे सांमजस रखना है .ये मानव व सरकार के सही फैसले से संभव है , इस व्यवसाय मे माफियाओं का राज है प्रशासन उनको सहयोग करता है

अभी नया मामला सामने आया है हीरा खनन के नाम पर लाखो पेडो को काटा जाना है .हजारों वर्ष पुरानी सम्पदा को नष्ट करने की योजना है मै एक पत्रकार हू लिख सकता हू पर सरकार को चाहिए विकास व प्रकृति मे सामंजस रहे .हम विकास के बगैर पृथ्वी पर रह सकते है पर प्रकिति के बगैर नहीं .

Review मेरी धरती ,बुन्देलखण्ड का दर्द.

Your email address will not be published. Required fields are marked *