विपरीत परिस्थितियों के बावजूद जहाज पर यात्रियों को चढ़ाने का मिशन हुआ पूरा

-NH Desk,New Delhi

(हि.स.)। भयंकर तूफान के बावजूद हर संभव प्रयास करके भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस जलाश्व पर 588 भारतीय यात्रियों को शुक्रवार की शाम मालदीव की राजधानी माले के बंदरगाह पर सवार तो कर दिया गया लेकिन रवानगी के वक्त समुद्र में उठती लहरों को देखते हुए कोच्चि के लिए वापस रवाना नहीं हो सका है।

भारी बारिश और तेज हवाओं के बीच गुरुवार की रात आईएनएस जलाश्व माले के लंगरगाह पर पहुंचा था। आज सुबह यात्रियों को सवार करने के लिए माले के बंदरगाह पर आईएनएस जलाश्व पहुंचा। आज का अभियान शुरू होने से पहले ही माले में बारिश और तूफान की वजह से मौसम काफी खराब हो गया। भयंकर तूफान और खराब मौसम ने यात्रियों को वापस लाने के लिए औपचारिकताओं को पूरा करने की प्रक्रिया में भी खलल डाला। इसके बावजूद नौसेना ने ऐसी व्यवस्था की कि ताकि शाम तक यात्रियों को जहाज पर नागरिकों को आराम से सवार कराया जा सके और अपने इस मिशन में नौसैनिक कामयाब भी रहे।

भारतीय नौसेना के ऑपरेशन ‘समुद्र सेतु’ के दूसरे चरण में शुक्रवार देर शाम को जब मालदीव की राजधानी माले से 588 नागरिकों (6 गर्भवती महिलाएं) को लेकर आईएनएस जलाश्व भारत के लिए चलने ही वाला था, तभी समुद्र में उठती ऊंची लहरों और भयंकर तूफान ने उसका रास्ता रोक दिया। नौसेना के अधिकारियों ने भी यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर जहाज को रवाना का फैसला लिया। इंतजार के करीब पांच घंटे बीत जाने के बावजूद बिगड़े मौसम को देखते हुए जहाज को माले बंदरगाह पर ही रोके रखा गया है।

पहले चरण में इससे पहले आईएनएस जलाश्व ने 10 मई को 698 भारतीय नागरिकों को माले से सुरक्षित निकालकर कोच्चि पहुंचाया था। आईएनएस मगर भी 202 नागरिकों को माले से कोच्चि वापस ला चुका है। इस तरह भारतीय नौसेना अब तक 900 भारतीय नागरिकों को माले से निकालकर भारत वापस ला चुकी है।

नौसेना के जहाज से भारत आने वाले यात्रियों की चेक-इन और जांच-पड़ताल वेलना एयरपोर्ट पर पूरी की गई। इसके बाद नौसेना की बसों से उन्हें बंदरगाह पर पहुंचाया गया। महिलाओं और बच्चों को बाहर निकालने में प्राथमिकता दी गई। बंदरगाह पर पहुंचने वाले यात्रियों को जहाज पर सवार करने से पहले सेनेटाइज किया गया और स्वस्थता की पहचान के लिए उनके हाथों में एक मुहर भी लगाई गई। जहाज पर चढ़ने से पहले उनका सामान अलग से लोड करने की व्यवस्था की गई।

विदेशों में फंसे भारतीयों को स्वदेश लाने के लिए नौसेना ने ऑपरेशन ‘समुद्र-सेतु’ लॉन्च किया है। ऑपरेशन के पहले चरण के तहत नौसेना के दो बड़े युद्धपोत आईएनएस जलाश्व और आईएनएस मगर माले पहुंचे थे। उनमें से आईएनएस जलाश्व ने 698 भारतीयों को 10 मई को केरल के कोच्चि बंदरगाह पर पहुंचाया था जिसमें जिसमें 595 पुरुष, 103 महिलाएं (19 गर्भवती) और 14 बच्चे शामिल थे। इसके बाद भारतीय नौसेना का दूसरा जहाज आईएनएस मगर 12 मई की शाम को मालदीव की राजधानी माले से 202 भारतीयों को लेकर कोच्चि बंदरगाह पर पहुंचा। इस जहाज में 24 महिलाएं (दो गर्भवती) और दो बच्चे भी थे। 

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