सर्वात्मक मुक्ति का पथ है – प्राउटिष्टों का समाज आन्दोलन

NH DESK, JHARKHAND
पूंजीवादी व्यवस्था के शोषणकारी नुकीले जबड़ों में दुनियां के न्यानवे फीसदी लोगों के साथ साथ सभी जीव जंतु,लता गुल्म, पेड़ पौधे का जीवन , सुख समृद्धि और अमन-चैन फंस चूका है। राजनैतिक दलों ने इसे और धारदार बनाया है।
इससे उबरने का वस मात्र एक ही रास्ता है — अपने अपने जनगोष्ठिओं (समाज) के मातृभाषा,लोक संस्कृति,नश्ल, संसाधन, इतिहास, भावात्मक विरासत आदि के प्रति गौरव का भाव पैदा कर स्थानीय सभी संसाधनों को कच्चे रुप में बाहर जाने से रोककर, स्थानीय लोगों द्वारा सहभागिता के आधार पर,ब्लाक स्तरीय कार्य योजना तैयार कर उपक्रम खड़ा कर स्वयं को आत्म निर्भर बनने के लिए अविलंब गोलबंद होना।
प्राउटिष्ट सर्व समाज की अगुआई में भारत में जनगोष्ठी (समाज) आधारित चौवालिस समाजों द्वारा इस महती अभियान को लेकर जन जन के बीच व्यवस्था परिवर्तन के लिए जन जागरण अभियान चलाया जा रहा रहा है, इसी में बिहार राज्य के मगध में प्रगतिशील मगही समाज,अंग क्षे‌त्र में अंगिका समाज, मिथिला क्षेत्र में प्रगतिशील मिथिला समाज, भोजपुरी क्षेत्र में प्रगतिशील भोजपुरी समाज के नाम से जागरण अभियान चलाया जा रहा है।
प्राउटिष्ट सर्व समाज का यही अभियान विकेन्द्रित अर्थ व्यवस्था को लागू करेगा।गन्दी राजनीति और गन्दे राजनेताओं से समाज को मुक्त करेगा । आध्यात्मिक संस्कृति सबके जीवन में निखरेगा। और तब इस धरती का वह भू खण्ड जिसे भारत (सबको भरण पोषण और मन को विस्तारित करने की ताकत रखने वाला भू खण्ड) कहा जाता है, जिसमें विविधता तो है , परन्तु आध्यात्मिक संस्कृति के एक डोर में सब गुंथे हुए हैं, वह भारत अतीत की तरह पुनः सर्व जन हिताय- सर्व जन सुखाय के पथ पर आगे कदम बढ़ा सकेगा।
तो आईए! हम सब पूंजीवादी व्यवस्था के मार से,भ्रष्ट राजनेताओं के कारनामों सेऔर अपूर्ण जीवन दर्शन के प्रभाव से आहत जन, उक्त कार्य योजना पर गोलवंद हों।
सुुुुुुुु

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