स्वतंत्रता दिवस विशेष: पढ़िए मशहूर गीतकार शैलेंद्र का गीत

साहित्य डेस्क, NH


शैलेंद्र हिंदी और भोजपुरी सिनेमा के प्रमुख गीतकार हैं। तीसरी कसम, गंगा मैया तोहे पियरी चढ़ाईब, जिस देश में गंगा बहती है, परख, बंदिनी आदि दर्जनों फिल्मों के लिए इन्होंने गीत लिखें। प्रस्तुत गीत भी फिल्म ‘जिस देश में गंगा बहती है’ में फिल्माया गया है।


1960 में रिलीज हुई फिल्म ‘जिस देश में गंगा बहती है’ का पोस्टर है। यह उस दौर की काफी सुपरहिट पिक्चर मानी जाती है। Image courtesy : Wikipedia

होठों पे सच्चाई रहती है, जहां दिल में सफ़ाई रहती है
हम उस देश के वासी हैं, हम उस देश के वासी हैं
जिस देश में गंगा बहती है
मेहमां जो हमारा होता है, वो जान से प्यारा होता है
ज़्यादा की नहीं लालच हमको, थोड़े मे गुज़ारा होता है
बच्चों के लिये जो धरती माँ, सदियों से सभी कुछ सहती है
हम उस देश के वासी हैं, हम उस देश के वासी हैं
जिस देश में गंगा बहती है

कुछ लोग जो ज़्यादा जानते हैं, इन्सान को कम पहचानते हैं
ये पूरब है पूरबवाले, हर जान की कीमत जानते हैं
मिल जुल के रहो और प्यार करो, एक चीज़ यही जो रहती है
हम उस देश के वासी हैं, हम उस देश के वासी हैं
जिस देश में गंगा बहती है

जो जिससे मिला सिखा हमने, गैरों को भी अपनाया हमने
मतलब के लिये अन्धे होकर, रोटी को नही पूजा हमने
अब हम तो क्या सारी दुनिया, सारी दुनिया से कहती है
हम उस देश के वासी हैं, हम उस देश के वासी हैं
जिस देश में गंगा बहती है..

Review स्वतंत्रता दिवस विशेष: पढ़िए मशहूर गीतकार शैलेंद्र का गीत.

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