हठधर्मिता छोड़ जनहित के कामों पर ध्यान दे नगर निगम

NH DESK, JHARKHAND

उच्च न्यायालय के आदेश का सांसद संजय सेठ ने किया स्वागत।

हठधर्मिता छोड़ जनहित के कामों पर ध्यान दे नगर निगम।

यदि जबरन बुलडोजर चलाया तो मुझसे होकर गुजरना होगा।

राँची। नगर निगम के द्वारा सेवा सदन व अन्य भवनों को तोड़े जाने के मामले में उच्च न्यायालय द्वारा रोक लगाए जाने का सांसद  संजय सेठ ने स्वागत किया है। श्री सेठ ने कहा है कि सेवा सदन कोई व्यवसायिक केंद्र नहीं है। यह उपचार के लिए लोगों की आस्था का केंद्र है। यहां से लोगों की भावनाएं जुड़ी है। लाखों लोगों की जिंदगी देने वाला सेवा सदन को तोड़ने पर नगर निगम आमदा था। यह सरकार और प्रशासन की हठधर्मिता है कि वे इसे तोड़ने पर आमादा थे। श्री सेठ ने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय ने बहुत सही निर्णय दिया है और जन भावनाओं का ख्याल करते हुए इस पर रोक लगाई है। यह स्वागत योग्य कदम है।  सेठ ने कहा कि मेरा मानना है कि राज्य सरकार और नगर निगम को अपनी हठधर्मिता छोड़कर उच्च न्यायालय के आदेश का अक्षरश: पालन करना चाहिए। यदि नगर निगम ऐसा नहीं करता है और अपनी हठधर्मिता पर अड़ा रहता है तो जनता उन्हें मुंहतोड़ जवाब देने का काम करेगी। सेठ ने कहा कि इसके बावजूद भी यदि नगर निगम किसी भी प्रकार का कोई गलत कदम उठाता है, जिसे जन भावनाएं आहत हो या इस तरह के सेवा में लगे संस्थानों को नुकसान पहुंचाया जाता है तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। जनता सड़कों पर उतरेगी और नगर निगम और सरकार दोनों ही इसके लिए जवाबदेह होंगे। श्री सेठ ने कहा कि यदि अब भी नगर निगम अपने रवैए में बदलाव नहीं लाता है और सेवा सदन को तोड़ने का प्रयास करता है तो नगर निगम को अपना बुलडोजर मेरे छाती से होकर गुजारना होगा। उसके बाद ही सेवा सदन टूटेगा।  सेठ ने कहा कि नगर निगम जन भावनाओं के साथ खेलना बंद करें और जनता को कैसे अधिक से अधिक सुविधाएं मिले इस पर ध्यान दें, यह ज्यादा बेहतर होगा।

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