50 रुपये में पहली पेंटिंग बेचकर की थी कैरियर की शुरुआत ! आज चंडीगढ़ के ब्रांड अम्बेस्डर

– Manoj Swatantra,New Delhi

पंजाब के उभरते युवा कलाकार व प्रसिद्ध गायक मीत निमान का जन्म 7 जुलाई 1989 को मंडी बरीवाला के ननका पिंड में हुआ । इनके पिता का नाम बावा सिंह व माता का नाम अंग्रेज कौर है। मीत के बचपन का नाम गुरुमीत सिंह था। कक्षा 1 से 5 तक की पढाई गाँव के स्कूल में ही हुई। बचपन से ही मीत पढ़ाई व चित्रकारी में अव्वल आते थे ।
मीत जब कक्षा 5 में थे तभी उनकी माता का अचानक देहांत हो गया, जिससे मीत को गहरा सदमा लगा। घर के बिगड़े हालत व तनाव के चलते मीत अपनी नानी के पास आ गए। इसी बीच वह तीन महीने तक स्कूल नहीं जा पाये जबकि पाँचवी की वार्षिक परीक्षा आने वाली थी। मीत कहते हैं …….

माँ की यादों को भुला ही नहीं पा रहा था ऐसा लगता था कि माँ मुझे आवाज दे रही है और मैं माँ को ढूंढ नहीं पा रहा हूँ। दिनरात माँ के बारें में सोचता रहता था, अपनी चित्रकारी गायिकी के जादू से लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने वाले शख्स के चेहरे पर खामोशियों ने डेरा डाल दिया था।

ऐसा लगता था कि पढाई अब छूट जाएगी लेकिन एक दिन मेरे स्कूल की टीचर बलविंदर कौर ने मुझे हौसला दे कर आगे की पढाई जारी रखने को कहा। सभी अध्यापकों का प्यार व आशीर्वाद पा कर मैं फरीदकोट जनपद में प्रथम आया। कई जगह सम्मानित किया गया, बहुत सारे प्राइवेट स्कूल अपने स्कूल में मुफ्त पढाई ऑफर भी दिया, क्षेत्र के गवर्मेंट हाईस्कूल ने मेरी 6 से 12 वीं तक की मुफ्त पढाई व एक साइकिल भी इनाम में दी ।
रब को शायद मेरा नवोदय में जाना मंजूर था। उसी समय मेरा नाम नवोदय विद्यालय की चयन परीक्षा में आ गया। कई अध्यापकों नें मना किया कि नवोदय में मत जाओ सभी को मेरा जवाब था ”मुझे सिर्फ और सिर्फ नवोदय में ही जाना है और यही मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि भी थी“।
मीत आगे बताते हैं कि नवोदय में मेरा पहला दिन बहुत यादगार रहा। पिता जी जब स्कूल छोड़कर गए तब मैं नवोदय की एक अलग ही दुनियाँ में आ गया था। नवोदय से शुरू हुआ मेरे जीवन का स्वर्णिम सफर। नवोदय ने मुझे वह सब कुछ दिया जो मै चाहता था। गाने के लिए म्यूजिक क्लास, पेंटिंग के लिए आर्ट क्लास व अपनी बात को किसी के सामने रखने के लिए स्टेज दिया। हौसला दिया और वो हौसला आज भी कायम है। नवोदय की रूटीन फाॅलो करते-करते कब सात साल बीत गए पता ही नहीं चला ।
नवोदय के सभी शिक्षक मुझे बहुत प्यार करते थे, सही मार्गदर्शन करते थे और वो सभी मेरा आज भी मार्गदर्शन करते हैं।
मीत बताते हैं जवाहर नवोदय विद्यालय में उनका सपना देश का राष्ट्रपति बनना था लेकिन वो सपना धीरे-धीरे पेंटिंग में बदल गया 12वीं के बाद पेंटिंग में डिग्री करने का मन बनाकर अपने आर्ट टीचर श्री बिरिंदर सिंह के साथ चंडीगढ़ आ गया, आर्ट कालेज में दाखिला लेना था पर पैसे नहीं थे लेकिन हौसला था, मेरे गुरु जी ने मुझे स्केच बनाने के लिए पिंजोर गार्डन भेज दिया जहाँ मैंने 50 रुपये का पहला स्केच बनाया, जो मेरे कला जीवन की पहली कमाई थी आज भी मैंने ये पैसे संभाल कर रखें हैं ।
मीत ने इसी तरह स्केच व पेंटिंग्स बेचकर पैसे इकट्ठे कर के आर्ट कालेज में दाखिला लिया।

परिंदा संरक्षण की चलाते हैं मुहिम !

मीत निमान का गायिकी, पेंटिंग्स के साथ साथ, पशु पक्षियों से भी काफी लगाव हैं। मीत मोबाइल टावर की वजह से लुप्त होती जा रही गौरैया पर भी काफी चिंता व्यक्त करते रहते हैं। उन्होंने यू-टयूब पर गौरैया को लेकर काफी गाने लिखें हैं, जिसमें से एक के बोल हैं ’‘ इज लगदा ए साडे तों रुश गए यारा ओए, भूरे रंग दिया चिड़ियां किदर गईयां यारा ओए’’। बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स की डिग्री के बाद मीत काफी दिनों तक स्वतंत्र रूप से कई जगह काम किया जिसमे सुखना लेक व राॅक गार्डन प्रमुख हैं। मीत की पेंटिंग्स दिनों दिन निखरती गयी और उन्हें 2015 में राष्ट्रीय कलाकार का अवार्ड भी मिला। मीत ने जिस तरह मुसीबत की घड़ी से निकलकर सफलता को चूम लिया। वह हम सभी नवोदयंस के लिए प्रेरणा है आज भी मीत अपना संघर्ष-जारी रखें हुए हैं ।
‘नवोदयंस हाईट्स’ उनकी संघर्षशीलता व सफलता हेतु शुभकामना देती है।

डाक विभाग ने भी बढ़ाया मान

डाक विभाग ने महिला सशक्तिकरण टीम पर 2015 में एक राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित की जिसमे देश भर से हजारों कलाकारों ने प्रतिभाग किया, मीत निमान इस प्रतियोगिता में प्रथम आये उन्होंने भारत की पहली महिला अन्तरिक्ष यात्री कल्पना चावला का पोट्रेट बनाया था। इस पेंटिग को डाक विभाग नें इंटरनेशनल वूमेन डे के दिन अपने डाक टिकट पर भी जारी किया।

चंडीगढ़ नगर निगम ने बनाया स्वच्छ भारत मिशन का ब्रांड अम्बेसडर!

चंडीगढ़ के मेयर देवेश मोदगिल व कमिश्नर जीतेन्द्र यादव द्वारा चंडीगढ़ के ब्रांड अम्बेसडर बनाने के बाद सम्मानित करते हुए।

मीत नें जिन विपरीत परिस्थितियों से निकाल कर अपने जीवन को कामयाबी की नई दिशा दी इससे शहर का हर युवा उन्हे अपना आदर्श व प्रेरणाश्रोत मानने लगा है युवा गायक व चित्रकार मीत निमान को शहर के हर उम्र के लोगों के बीच फैली उन लोकप्रियता को देखते हुये चंडीगढ़ के मेयर देवेश मोदगिल व कमिश्नर जितेंद्र यादव नें मीट को स्वच्छ भारत अभियान 2018 का ब्रांड अम्बेस्डर बना दिया

गुरुदास मान को आदर्श मानने वाले मीत को गवर्नर ने भी किया सम्मानित,
मीत की पेंटिंग की स्टाम्प डिजाईन जारी करेगा डाक विभाग ।

हरियाणा के गवर्नर कप्तान सोलंकी मीत निमान को सम्मानित करते हुए

कलाकारी और अदाकारी में एक साथ अपने दम से मुकाम हासिल करने वाले मीत पंजाब के मशहूर गायक गुरुदास मान को अपना आदर्श मानतें हैं। वह प्रति वर्ष गुरुदास मान को उनके जन्म दिन पर अपने हाथों से उनकी पोट्रेट बनाकर भेंट करते हैं। गुरदास मान की मां का देहांत होनें पर मीत ने मान की मां की पोट्रेट बनाकर भेंट की इस पर गुरुदास मान भावुक हो गए और अपने से गले लगा लिया। इनकी तस्वीरें खुद मान ने सोशल मीडिया पर साझा की हैं, कई बार मीत नें गुरुदास मान के साथ स्टेज भी साझा किया है।
अभी हाल ही में पंजाब और हरियाणा के गवर्नर कप्तान सोलंकी द्वारा मीत को सम्मानित किया। उनकी पेंटिंग आल इंडिया स्टाम्प डिजाईन के लिए चयनित हुई है। डाक विभाग द्वारा हर साल एक विशेष स्टाम्प लांच की जाती है। इसके लिए देश भर के कलाकारों द्वारा उनकी पेंटिंग मंगवाई जाती है इस बार मीत निमान की पेंटिंग चुनी गयी है जिस पर डाक विभाग स्टाम्प जारी करेगा


मीत की पेंटिंग की स्टाम्प डिजाईन जारी करेगा डाक विभाग ।


कलाकारी और अदाकारी में एक साथ अपने दम से मुकाम हासिल करने वाले मीत पंजाब के मशहूर गायक गुरुदास मान को अपना आदर्श मानतें हैं। वह प्रति वर्ष गुरुदास मान को उनके जन्म दिन पर अपने हाथों से उनकी पोट्रेट बनाकर भेंट करते हैं। गुरदास मान की मां का देहांत होनें पर मीत ने मान की मां की पोट्रेट बनाकर भेंट की इस पर गुरुदास मान भावुक हो गए और अपने से गले लगा लिया। इनकी तस्वीरें खुद मान ने सोशल मीडिया पर साझा की हैं, कई बार मीत नें गुरुदास मान के साथ स्टेज भी साझा किया है।
उनकी पेंटिंग आल इंडिया स्टाम्प डिजाईन के लिए चयनित हुई है। डाक विभाग द्वारा हर साल एक विशेष स्टाम्प लांच की जाती है। इसके लिए देश भर के कलाकारों द्वारा उनकी पेंटिंग मंगवाई जाती है इस बार मीत निमान की पेंटिंग चुनी गयी है जिस पर डाक विभाग स्टाम्प जारी करेगा ।

गायिकी में भी कमाल!


सामाज में फैली बुराईयों के खात्में में कलाकार का बड़ा योगदान होता है और हर कलाकार को अपना फर्ज समझते हुए सामाजिक मुहीम में सामिल होना चाहिए द्य आजकल के बेतुके गाने नौजवान पीढ़ी को गलत रास्ते पर ले जाते हैं। सही गीत समाज को मानसिक रूप से स्वस्थ्य रखते हैं ।
मीत निमान ने कलाकारी के साथ साथ गायिकी में भी सामाजिक सरोकारों को प्रमुखता से उठाया है। अब तक मीत लगभग 300 से ज्यादा गानें लिख चुकें हैं उनका एक गाना ”बंदूकां सुट्टो किताबां चक्को, भगत सिंह पढ्दा वी सी काफी“ चर्चा में रहा मीत नें इस गाने को लिखा भी है और गाया भी है। इस गाने के माध्यम से भगत सिंह के बारे में युवावों की सोच को ही बदलने का प्रयास किया है।
मीत के अनुसार पंजाब का युवा भगत सिंह के क्रांतिकारी सोच को ही आदर्श मानता है, और भगत सिंह की बन्दूक वाली फोटो अपने पास रखता है, सभी को यह मालूम होना चाहिए कि भगत सिंह का नाता सिर्फ बंदूकों से नहीं था बल्कि किताबों से भी था। उन्हें विश्व की राजनीति व इतिहास की गहन जानकारी थी। यहाँ तक की जब उन्हें फांसी दी जानी थी तब भी वह लेनिन की जीवनी पढ़ रहें थे। भगत सिंह की पढाई को लेकर इसी सोच को युवाओं में भी देखना चाहते हैं ।
इसी तरह मीत का एक और गाना ”जिन्हां दी फोटो विकदी है, ओहना दे जमीर नी विकदे’’ काफी चर्चा में रहा। मीत का पहला गीत 1999 के कारगिल युद्ध पर लिखा जिसके बोल हैं “रब्बा ये शरहद मिटादे भारत-पाकिस्तान दी”।

नवोदयंस को मीत का सन्देश !

……मित्रों नवोदय एक ऐसी आदर्श व्यवस्था है
जहाँ छात्र बाहर की दुनिया में
बेहतर करनें के लिए तैयार होता है ……..
इसका आदर करें ….
…….सत्कार करें आप सभी को जो स्वर्णिम
समय मिला है उसका पूरा लाभ उठायें।
……………… हमीं नवोदय हों।

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