जो बाइडन के लिए विभिन्न देशों की प्रतिक्रियाएं क्या हैं

(भाषा) विश्व नेताओं ने अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति जो बाइडन का स्वागत करते हुए उनके साथ काम करने की इच्छा जाहिर की है।

बाइडन ने बुधवार को पद की शपथ लेने के बाद अमेरिका के संबंध साझेदारों के साथ सुधारने और दुनिया के साथ एक बार फिर काम करने का वादा किया था।

डेमोक्रेटिक पार्टी के 78 वर्षीय अनुभवी नेता ने अपने भाषण में कहा, ‘‘हम शांति, प्रगति और सुरक्षा के क्षेत्र में मजबूत और विश्वस्त साझेदार होंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका की परीक्षा ली गई और हम मजबूत होकर उभरे है। हम अपने साझेदारों के साथ संबंधों में सुधार करेंगे और एक बार फिर दुनिया के साथ अपना मेल-जोल बढ़ाएंगे।’’

बाइडन ने कहा, ‘‘हम सिर्फ अपनी शक्ति के आधार पर नेतृत्व नहीं करेंगे, बल्कि उदाहरण पेश करेंगे और उसके आधार पर आगे चलेंगे। हम शांति, प्रगति और सुरक्षा के लिए मजबूत तथा विश्वस्त साझेदार साबित होंगे।’’

बाइडन और उप राष्ट्रपति कमला हैरिस के शपथ ग्रहण के बाद विश्व नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दी और उनके साथ काम करने की इच्छा जाहिर की है।

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वोन डेर लेयेन ने कहा, ‘‘ चार साल बाद, एक बार फिर यूरोप का व्हाइट हाउस में एक दोस्त है।’’

यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल ने बाइडन और हैरिस को बधाई देते हुए ट्वीट किया, ‘‘ यह दृढ़ विश्वास और समझ को वापस लाने और यूरोपीय संघ तथा अमेरिका के संबंधों को फिर से जीवंत करने का समय है।’’

नाटो के महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने इसे ‘‘ ‘ट्रान्साटलांटिक एलायंस’ के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत’’ बताया।

वहीं पोप फ्रांसिस ने कहा कि गंभीर संकट के समय में दूरदर्शी और एकजुट प्रयासों की जरूरत है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट किया, “जो बाइडन को अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने पर हार्दिक बधाई। भारत-अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए उनके साथ काम करने को उत्सुक हूं।”

जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने भी उन्हें बधाई दी। उनके प्रवक्ता स्टीफ़न सेबर्ट ने उनके हवाले से कहा कि वह अमेरिका और जर्मनी के रिश्ते के एक ‘‘नए अध्याय’’ को लेकर उत्साहित हैं।

फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने बधाई देने के साथ ही अमेरिका की पेरिस समझौते में वापसी का स्वागत किया।

मैक्रों ने कहा, ‘‘ हम एकजुट हैं। हम मौजूदा चुनौतियों का सामना करने के लिए मजबूत होंगे। नए भविष्य के निर्माण के लिए मजबूत होंगे। पेरिस समझौते में आपका स्वागत है।’’

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने एक बयान में कहा , ‘‘ कोविड और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ, रक्षा, सुरक्षा तथा लोकतंत्र को बढ़ावा देने में, हमारे लक्ष्य समान हैं और हमारे राष्ट्र उन्हें हासिल करने के लिए एक-साथ काम करेंगे।’’

रूस के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर बाइडन के कार्यभार संभालने के बाद अमेरिका और मॉस्को के बीच ‘‘अधिक रचनात्मक’’ संबंध स्थापित करने की उम्मीद जतायी।

बाइडन के शपथ लेने से कुछ घंटे पहले, बीजिंग ने उम्मीद जतायी थी कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में द्विपक्षीय संबंधों को पहुंची “गंभीर क्षति” को बाइडन दूर करेंगे और “चीन को तर्कसंगत और निष्पक्ष रूप से देखेंगे”।

इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उनकी राष्ट्रपति बाइडन के साथ कई दशकों की दोस्ती है और उनके साथ मिलकर वह अमेरिका और इज़राइल के संबंध मजबूत करने को उत्साहित हैं।

ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने बाइडन को बधाई देने के साथ ही उनसे अमेरिका को 2015 के परमाणु समझौते में वापस लाने और ईरान पर से प्रतिबंध हटाने की अपील भी की।

फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने कहा कि वह क्षेत्र और दुनिया में शांति और स्थिरता लाने के लिए बाइडन के साथ काम करने को लेकर उत्साहित हैं।

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि वह नए अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ ‘‘हमारे देशों को सुरक्षित, अधिक समृद्ध और अधिक लचीला बनाने के लिए काम करेंगे।’’

जापान के प्रधान मंत्री योशीहिदे सुगा ने बधाई देते हुए ट्वीट किया,‘‘ हमारे गठबंधन को सुदृढ़ करने और स्वतंत्र एवं मुक्त हिंद-प्रशांत के सपने को साकार करने के लिए मैं आपके और आपके दल के साथ काम करने को उत्साहित हूं।’’

कुवैत, कतर, बहरीन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के नेताओं ने भी बाइडन और हैरिस को बधाई दी।

वहीं, ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोल्सनारो ने ट्वीट किया, ‘‘ मै अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के तौर पर जो बाइडन को सलाम करता हूं।’’

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