केस दर्ज:ठगी का केस हाेने के बाद दवा व्यवसायी अश्विनी राजगढ़िया ने दिल्ली में की खुदकुशी की काेशिश

NH DESK-JHARKHAND

सिटी रिपोर्टर: जितेंद्र कुमार

  • नींद की गोलियां खाईं, जिंदगी मिलेगी दाेबारा फाउंडेशन के अध्यक्ष भी हैं राजगढ़िया

राजधानी के दवा व्यवसायी और जिंदगी मिलेगी दाेबारा फाउंडेशन के अध्यक्ष अश्विनी राजगढ़िया ने शुक्रवार काे दिल्ली में खुदकुशी करने की काेशिश की। उन्हाेंने शुक्रवार काे नींद की कई गाेलियां खा लीं। उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया है। भाई अरविंद राजगढ़िया ने बताया कि उनकी स्थिति खतरे से बाहर है। देबुका नर्सिंग हाेम के संचालक डाॅ. सुरेश देबुका ने अश्विनी राजगढ़िया के खिलाफ जमीन देने के नाम पर 40 लाख रुपए ठगने का केस दर्ज कराया था।

परिजनाें का कहना है कि डाॅ. देबुका ने फर्जी केस किया, ताकि अश्विनी काे मानसिक रूप से परेशान किया जा सके। वहीं डाॅ. देबुका ने कहा-अश्विनी ने मेरे साथ ठगी की है। जमीन की डीड मेरे पास है। जब कानूनी कार्रवाई की ताे मानसिक रूप से दबाव बनाने के लिए ऐसा कदम उठाया।

दवा खाने से पहले पिता काे भेजा ऑडियाे मैसेज

पापा, आज हमने डाॅ. देबुका की न्यूज अखबार में देखा। यह आराेप गलत है। डाॅ. देबुका ने ब्याज पर एक बार 40 लाख रुपए दिए थे। मैं हर महीने ब्याज दे रहा था और 30 लाख रुपए वापस भी कर दिया। मेरे पास वाॅट्सएप में इसका प्रूफ भी है। फिर भी उन्हाेंने ऐसा कर दिया। मैंने तय किया था कि सभी का मामला निपटा देंगे। जिसने जाे भी कहा, मैंने सब किया। मेरा समय थाेड़ा खराब क्या हुआ, लाेग मेरे साथ खराब हाे गए। मैंने किसी के साथ कभी गलत नहीं किया।

लाेगाें ने मेरे साथ बेईमानी कर ली। मेरे पैसे नहीं लाैटाए। इसीलिए सब कुछ गड़बड़ हाे गया। यह मेरा आखिरी मैसेज है। इसके बाद हम किसी काे नहीं मिलेंगे। साेचा था-अभी नुकसान हुआ है लेकिन धीरे-धीरे पैसे इकट्ठे कर लेंगे। पर मामला उलझता चला गया। मेरे कराेड़ाें के इंश्याेरेंस हैं। सबकाे पैसे लाैटा दीजिएगा। आई एम साॅरी। मैं अच्छा बेटा नहीं बन पाया।

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