हटिया स्टेशन और रांची रेलवे स्टेशन का हो नामांकरण: बंधु तिर्की

NH DESK-JHARKHAND

जिला संवाददाता जितेंद्र कुमार

झारखंड कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष विधायक बंधु तिर्की ने रेलवे मंत्री भारत सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर रांची रेलवे स्टेशन का नाम जयपाल सिंह मुंडा और हटिया स्टेशन का नाम शहीद विश्वनाथ शाहदेव के नाम नामांकरण करने की मांग की है|

तिर्की ने अपने पत्र में कहा कि झारखंड की पावन धरती ने एक से बढ़कर एक महापुरुषों, वीरों और शहीदों को जन्म दिया है, वैसे महापुरुषों की गणना में जयपाल सिंह मुंडा और वीर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाता है. जयपाल सिंह मुंडा का भारतीय जनजातियों और झारखंड अलग राज्य आंदोलन में अग्रणी भूमिका के फल स्वरुप मारंग गोमके (बड़ा मालिक) से शुशोभित किया जाता है|

जयपाल सिंह मुंडा राजनीतिज्ञ, पत्रकार, लेखक, संपादक, शिक्षाविद, खिलाड़ी और कुशल प्रशासक बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे. उनका मानना था कि आदिवासी यहां के मूल निवासी है अतः वे जनजाति नहीं आदिवासी हुए उनका जन्म 03 जनवरी 1903 को खूंटी के टकरा पहान टोली में हुआ था.

यह देश के पहले आदिवासी थे जिन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयनित होने का गौरव प्राप्त है लेकिन हॉकी के मोह के कारण उन्होंने सिविल सेवा से त्यागपत्र दे दिया, ये ब्रिटेन में वर्ष 1925 में ‘ऑक्सफोर्ड ब्लू’ का खिताब पाने वाले हॉकी के एकमात्र अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी थे. इनके नेतृत्व और कप्तानी में भारत ने 1928 के ओलंपिक का पहला स्वर्ण पदक हासिल किया था.

अंतरराष्ट्रीय हॉकी में जयपाल सिंह मुंडा की कप्तानी में देश को पहला गोल्ड मेडल मिला था 1946 में खूंटी ग्रामीण क्षेत्र से जीत कर संविधान सभा के सदस्य बने. जयपाल सिंह मुंडा ने जिस तरह से आदिवासियों की इतिहास, दर्शन और राजनीति को प्रभावित किया जिस प्रकार झारखंड आंदोलन को अपने वक्तव्यों, सांगठनिक कौशल और रणनीतियों से भारतीय राजनीति और समाज में स्थापित किया वह अद्वितीय है.

 

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