इस साल भी पंचायत चुनाव के नहीं दिख रहे आसार

NH DESK-JHARKHAND

जिला संवाददाता जितेंद्र कुमार

Ranchi : ग्रामीण विकास और पंचायती राज्य मंत्री आलमगीर आलम ने हाल के दिनों में कई बार कहा है कि इस साल के आखिर तक पंचायत चुनाव कराये जायेंगे. पर जो तस्वीर दिख रही, उसमें इसका चांस बनता नहीं दिख रहा है. अगले डेढ़ माह तक राज्य उत्सवी माहौल में रहेगा. 15 नवंबर से 29 दिसंबर तक सभी विभागों को अपनी उपलब्धियों को जनता के सामने दिखाना है. साथ ही नियुक्ति प्रक्रिया को भी पूरा किये जाने का टास्क सीएम हेमंत सोरेन ने दिया है.

15 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस से लेकर 29 दिसंबर को सरकार के दो वर्ष पूरे होने तक नियमित तौर पर कई कार्यक्रम आयोजित होने हैं. ऐसे में मुमकिन नहीं दिखता कि इस साल पंचायत चुनाव कराये जायें. भले राज्य निर्वाचन आयोग अपनी ओर से चुनावी तैयारियों को पूरा कर लिये जाने का दावा करे पर जब तक सरकार का ग्रीन सिग्नल नहीं मिल जाता, चुनाव संभव नहीं. और इस वर्ष तो इसके लक्षण कतई नहीं दिखते.

फरवरी-मार्च में बजट सत्र

जो स्थिति लग रही है, इस साल राज्य स्थापना दिवस और सरकार की दूसरी वर्षगांठ के कार्यक्रम के चलते पंचायत चुनाव के लिये रास्ता निकाल पाना कठिन लग रहा है. अगर सरकार ने चुनाव पर अभी सहमति दे दी तो आचार संहिता के कारण तयशुदा कार्यक्रमों का आयोजन प्रभावित होगा.

इस पर रोक लग जायेगी. चुनाव आयोग को अगर अभी नवंबर के दूसरे-तीसरे सप्ताह तक सहमति दे दिया जाये तो भी आयोग को कम से कम 45 दिनों के न्यूनतम अवधि की जरूरत होगी. ऐसे में अभी स्थापना दिवस और वर्षगांठ कार्यक्रमों के बीच चुनाव के लिये सरकार तैयार हो सकेगी, इस पर संदेह है

.चुनाव पर जल्द हो फैसला : मुखिया संघ

झारखंड राज्य मुखिया संघ के महासचिव अजय कुमार सिंह कहते हैं कि डेढ़ सालों के बाद किसी तरह से सरकार, समाज और पंचायत कोरोना काल से उबरती दिख रही है. इससे ग्राम विकास के कई अहम काम प्रभावित हुए थे. यहां तक कि पंचायतें भी पिछले 11 माह से असल स्वरूप में नहीं हैं

. कार्यकारी समिति में वो रौनक नहीं है. ऊपर से जूनियर इंजीनियर औऱ अन्य कर्मियों की कमी के चलते ग्राम विकास की योजनाएं गति नहीं पकड़ पा रही हैं. 15वें वित्त की राशि के खर्च में जटिलता दिख रही है. सरकार को चाहिये कि जल्द से जल्द चुनाव के बारे में ठोस बात करे. पंचायतें सरकार का मुंह ताक रही हैं. गांव की सरकार पूरी तरह से असल स्वरुप में नहीं होने के कारण फिर से पलायन की स्थिति बनती दिख रही है. चुनाव होने से कई सकारात्मक बदलाव आयेंगे

.जनता के द्वार पहुंचने का कार्यक्रम

15 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस समारोह आयोजित होना है. इस अवधि से लेकर दिसंबर के आखिर तक सरकार के संदेशों को आम लोगों तक पहुंचाये जाने का काम होगा. इस संबंध में मुख्य सचिव ने सभी विभागों के प्रमुख अधिकारियों को अपनी तैयारी पूरी करने को कहा है. अपने निर्देश में उन्होंने सभी जिलों में आपके अधिकार, आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया है.

कार्यक्रम 16 नवंबर से शुरू होकर 28 दिसंबर तक चलेगा. समापन 29 दिसंबर को होगा. इन कार्यक्रमों में अधिक से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित किये जाने के अलावे अनुकंपा से संबंधित विचाराधीन नियुक्तियों पर भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है. इस दिशा में हर जिले में प्रतिदिन चार से पांच पंचायतों में शिविर आय़ोजित करने की जवाबदेही अधिकारियों को दी गयी है.

 

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