ईरान परमाणु वार्ता के लिए रास्ते हमेशा नहीं खुले रहेंगे

ईरान के लिए अमेरिका के विशेष राजदूत रॉबर्ट माले ने कहा कि ईरान परमाणु समझौते को दोबारा पुनर्जीवित करने की कोशिश महत्वपूर्ण चरण में है और इस समझौते के लिए रास्ते हमेशा नहीं खुले रहेंगे।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त व्यापक कार्य योजना और ईरान परमाणु समझौते का जिक्र करते हुए माले ने सोमवार को एक प्रेस कॉल के दौरान संवाददाताओं से कहा, हम यह देख रहे हैं कि क्या हम जेसीपीओए को पुनर्जीवित कर सकते हैं।

माले ने यह टिप्पणी ईरान परमाणु मुद्दे पर मध्य पूर्व और यूरोप की अपनी सप्ताह भर की यात्रा के बाद की। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सहयोगियों और भागीदारों ने ईरान की परमाणु प्रगति के बारे में चिंता जाहिर की है।

माले के अनुसार, ईरान परमाणु मुद्दे को संबोधित करने के लिए कूटनीति सही रास्ता है, लेकिन संयुक्त राज्य अमेरिका और सहयोगियों को वैकल्पिक साधनों पर भी विचार करना होगा।

उन्होंने कहा, हम ईरान के साथ राजनयिक तौर पर वार्ता करने के लिए हमेशा तैयार हैं और हमारा मानना है कि इसे केवल कूटनीतिक तरीके से ही सुलझाया जा सकता है। लेकिन सवाल यह है कि क्या जेसीपीओए को अभी भी पुनर्जीवित किया जा सकता है।

2015 के परमाणु समझौते को बहाल करने के लिए अमेरिका और ईरानी अधिकारियों ने इस अप्रैल में वियना में अप्रत्यक्ष वार्ता शुरू की। छह दौर की बातचीत के बाद भी दोनों पक्षों के बीच महत्वपूर्ण मतभेद हैं, जो जून से रुकी हुई हैं।

माले ने कहा कि जेसीपीओए में वापसी पर बातचीत के रास्ते हमेशा नहीं खुले रहेंगे। जेसीपीओए खत्म हो गया होगा क्योंकि ईरान ने ऐसी प्रगति की होगी जिसे ठीक नहीं किया जा सकता है।

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