राँची की लापता हेल्प डेस्क टीम ने 12 साल से लापता महिला को उसके परिवार को खोज कर मिलाया

NH DESK JHARKHAND

विनीत कुमार, खलारी/ डकरा ,रांची

8 साल की बच्ची को छोड़ घर से लापता हुई थी। 21 साल की उम्र में बच्ची ने वीडियो कॉल से मां को देखा

बिजुपाडा के माहेर आश्रम में रह रही 45 वर्षीय महिला सरवती को आखिर कार उसका परिवार मिल गया।
खुशियों के आँशुओ के साथ सरवती माहेर आश्रम में अपने पति से मिली और परिवार के साथ अपने घर चली गई। यह पूरी घटना काफी दर्द भरी है।
मालूम हो कि यह कहानी उड़ीसा के भद्रक जिले से शुरू हुई और झारखंड के राँची जिले स्थिति चान्हो थाना के बिजुपडा में माहेर आश्रम के सहारे परिवार का मिलन हुवा।
ज्ञात हों कि 2009-10 में मानसिक रूप से बीमार महिला सरवती अपने ससुराल, गाँव-जुरागडिया,थाना-नाकंडी जिला भद्रक उड़ीसा से मानिसक रूप से बीमार होने के कारण घर में अपने पति और 8 साल की एक बेटी को छोड़ कर वो लापता हो गई। महिला के पति भटकृष्णा प्रधान ने काफी खोज बिन किया लेकिन उसका कुछ पता नही चल सका।
3 साल तक लावारिस स्थितियों में इधर उधर भटकते रहने के बाद 11 जून 2013 को महिला सरवती महाराष्ट्र के पुणे पुलिस को मिली जहाँ फिर पुणे में माहेर आश्रम में सरवती कई देखभाल और उसका इलाज शुरू हुआ। तीन सालों तक माहेर आश्रम पुणे में इलाज के दौरान सरवती की मानसिक स्थिति में कुछ सुधार होने लगा और वो हिन्दी बोलने लगी।
हिंदी बोलने के कारण उसे माहेर संस्था द्वारा हिन्दी भाषी क्षेत्र झारखंड भेजने का निर्णय किया गया ताकि वहाँ से उसके घर का कुछ पता चल सके।
17 अक्टूबर 2016 को महिला सरवती को चान्हो थाना के बिजुपडा स्थित माहेर आश्रम में शिफ्ट किया गया। यहाँ से सरवती का इलाज अब कांके के रिनपास से शुरू हुवा। जिसके बाद सरवती कि दिमागी हालात ठीक होने लगी। नियमित जाँच और फॉलो अप के बाद सरवती की मानसिक स्थिति में काफी सुधर हुवा।
इसी बीच राँची के खलारी से भूले भटके लापता लोगों को खोजने उनके परिवार से मिलाने का काम कर रही ह्यूमन राइट्स इक्वलिटी फाउंडेशन संस्था की टीम लापता हेल्प डेस्क के पंकज प्रसाद को सरवती के सन्दर्भ में उसकी पूरी कहानी बताई गई। टीम के पंकज प्रसाद एवम जिंतेंद्र पांडेय के द्वारा उड़िया भाषा मे महिला से बात की गई जहाँ लापता हेल्प डेस्क टीम ने उड़िया के भद्रक जिले से टीम के सहयोगी संजीव नायक एवम गंजाम जिले से सुरेन्द्र नाहक से संर्पक कर पूरी जानकारी भेजी और 2 दिनों के अदंर परिवार को खोज लिया गया।
टीम के द्वारा विडीयो कॉल करके महिला की पहचान कराई गई।
उधर 8 साल की नन्ही बच्ची ममता अब माँ के प्यार का इंतेजार कर 21 साल की हो गई। विडीयो कॉल में बेटी 12 साल बाद अपनी माँ को देख कर आँशुओ के साथ ख़ुशी जताई।
इधर महिला के पति एवम उनके परिवार के सदस्य बिजुपडा माहेर आश्रम पहुँच कर कागजी प्रक्रिया पूरी कर महिला सरवती को सुरक्षित अपने गाँव भद्रक लेकर चले गए। महिला सरवती ने जाते समय सभी का अभिनन्दन किया और उसके पति और परिवार वालों ने सभी का आभार ब्यक्त किया।
लापता हेल्प डेस्क टीम के मुन्नु शर्मा ने बताया कि उनकी संस्था लापता हेल्प डेस्क टीम के द्वारा देश भर के 66 लापता गुमसुदा भूले भटके लोगों के परिवार को खोज कर उन्होंने मिलाया गया है। राँची के खलारी से यह संस्था देश भर में अपने नेटर्वक के माध्यम से काम कर रही हैं। वही संस्था के द्वारा लापता लोगों की सूचना देने के लिए नम्बर जारी किया गया है 9955609745, 8409345279
इस कार्य में संस्था के पंकज प्रसाद,मुन्नु शर्मा, चंदन प्रसाद, जिंतेंद्र पांडेय
माहेर आश्रम से सिस्टर सैसी ,जेवीर मिंज मैजुद रहें।

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