इतिहास को भूलने वाला समाज भटकाव में चला जाता है: पंकज गुप्ता

बाराबंकी। जनपद बाराबंकी धरती साहित्यिक रूप से बहुत ही उर्वर रही है। एक तरफ सगुण उपासक तुलसीदास कालीन कवि होलराय हैं तो दूसरी तरफ उन्ही के समकालीन निर्गुण उपासक संत चतुर्भुज दास जी हैं। समाज को संशोधित एवं परिमार्जित कर दोनों का साहित्य अध्यात्म की ओर ले जाता है।
उक्त विचार रविवार को पूर्वज साहित्यकार जन्म भूमि दर्शन यात्रा के तृतीय चरण का जिला पंचायत कार्यालय से हरी झंडी दिखाकर शुभारम्भ करते हुए राजरानी रावत अध्यक्ष जिला पंचायत बाराबंकी ने व्यक्त किये।
इस अवसर पर पंकज गुप्ता पंकी ने कहा कि अपने इतिहास को भूलने वाला समाज भटकाव में चला जाता है। बाराबंकी के युवा साहित्यकारों द्वारा इतिहास सँजोने का काम प्रशंसनीय है।
यात्रा दल कवि चतुर्भुजदास जी की जन्मस्थली रामपुर जहांगीराबाद, बलराम जियनपुरी की जन्मस्थली जीयनपुर सलेमपुर देवा, केशवराम शुक्ल जी की जन्मस्थली कस्बा बंकी, साहित्यकार कल्पनाथ सिंह की जन्मभूमि श्रीनगर देवा रोड, नागेश्वर दत्त पांडेय द्विजमान की जन्मस्थली सरावगी तथा करूणाशंकर बदनाम की जन्मस्थली अयोध्यानगर पर पहुँचकर नमन किया।
यात्रा के संरक्षक डॉ राम बहादुर मिश्र, निर्देशक अजय सिंह ‘गुरुजी’, डॉ. श्याम सुंदर दीक्षित, यात्रा अध्यक्ष प्रदीप सारंग, यात्रा संयोजक पंकज कँवल, मो. मूसा खान अशांत बाराबंकवी, डॉ. बलराम वर्मा, विष्णु कुमार शर्मा ‘कुमार’, दिनेश सिंह, विशम्भर नाथ अवस्थी ‘पप्पू भैया’, आशीष आनंद, महेंद्र वत्स, डॉ. विनोद गौतम, धीरेंद्र चौधरी, राजेन्द्र त्रिपाठी, अनिल श्रीवास्तव ‘लल्लू’, ओपी वर्मा ‘ओम’, प्रदीप महाजन, सूरज सिंह गौर, रमेश चंद्र रावत, विश्राम लाल यादव, साहब नरायन शर्मा, रजत बहादुर वर्मा, शशिप्रभा, सीताकांत मिश्र स्वंयम्भू, हंसराज सिंह, दीपक दिवाकर, इकबाल राही, डॉ कुमार पुष्पेंद्र, सदानंद, आदर्श बाराबंकवी व छायाकार रामकुमार, सतीश कुमार शामिल थे।

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