जन्माष्टमी विशेष : कृष्ण रंग में रंगे हसरत मोहानी की शायरी

आज जब हम हर बात में धर्म ढूंढने लगे हैं, भाषा से लेकर पोशाक तक को…

अब सोचते हैं लाएँगे तुझ सा कहाँ से हम, शायरी और गीत के अनोखेपन का नाम है मजरूह सुल्तानपुरी

साहित्य डेस्क, NH आइए सुनते हैं ‘कालिया’ फिल्म का गीत ‘तुम साथ हो’ जिसके बोल लिखें…