पश्चिम बंगाल की सरकार हिंदी को राष्ट्रभाषा नहीं मानती

NH DESK WEST BENGAL

राज्य प्रभारी अरविंद कुमार की लेख

(कोलकाता): पश्चिम बंगाल सरकार हिंदी को राष्ट्रभाषा के रूप में नहीं मानते हैं इसका जीता जागता उदाहरण हम आपको देने वाले हैं यह एक सच्चाई और कड़वी है कि पश्चिम बंगाल सरकार इतना नीचे और इस हद तक गिर जाएगी कि हिंदी को राष्ट्रभाषा के रूप में नहीं मानेगी इसका मुख्य कारण क्या है पश्चिम बंगाल सरकार ऐसा क्यों करना चाहती है आखिरकार पश्चिम बंगाल सरकार क्या साबित करना चाहती है इन सभी सवालों का जवाब हमें इस सरकार से चाहिए।

जी हां आपने सही सुना पश्चिम बंगाल सरकार हिंदी को राष्ट्रभाषा नहीं मानती इसका जीता जागता उदाहरण हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल के पुलिस भर्ती परीक्षा में आए पेपर के माध्यम से यह साबित होता है कि पश्चिम बंगाल सरकार हिंदी को राष्ट्रभाषा के रूप में नहीं मानती यह क्यों ऐसा कर रही है हम नहीं जानते ठीक है सरकार अपने स्थानीय भाषा को प्रथम रखते हैं चाहे किसी भी राज्य की सरकार लेकिन वह अपने स्थानीय भाषा के साथ साथ हिंदी भाषा को भी वरीयता देते हैं और वह सरकार हिंदी को राष्ट्रभाषा के रूप में मानते हैं लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार ऐसा नहीं कि पुलिस भर्ती परीक्षा में पश्चिम बंगाल सरकार ने जहां पेपर को 2 भाषा में बनाया पहला भाषण बंगाल की स्थानीय भाषा बांग्ला थी दूसरा जो भाषा था उसमें वह नेपाल देश का नेपाली भाषा किस आधार पर नेपाली भाषा को पुलिस भर्ती परीक्षा में और पुलिस भर्ती के परीक्षा में आए पेपर में नेपाली भाषा को जगह दी गई क्या हिंदी इस देश की भाषा नहीं है हिंदी राष्ट्रभाषा के रूप में नहीं क्यों ऐसा किया गया क्यों नेपाली भाषा को मान्यता दी गई

पश्चिम बंगाल सरकार क्या बताना चाह रही है क्या भारत देश के एक राज्य से हम नहीं है क्या वह भारत का अंग नहीं है पश्चिम बंगाल क्या अलग देश बनने वाला है या पश्चिम बंगाल अपने आप को मुक्त बता रहा है ऐसा इसलिए कि हमें कुछ पता नहीं हम सरकार से पूछना चाहते हैं कि आप पेपर के मुख पृष्ठ पर पेपर से संबंधित सारी सूचना आप 2 भाषा में दे रहे हैं पहली भाषा अंग्रेजी लिखी है दूसरी भाषा पश्चिम बंगाल के स्थानीय भाषा बांग्ला लिखिए लेकिन जब पेपर खुलता है तो उसके अंदर पश्चिम बंगाल के स्थानीय भाषा बांग्ला और नेपाल देश की भाषा नेपाली को वरीयता दी गई है ठीक है आप हिंदी को वरीयता नाते कम से कम अंग्रेजी को आप उसमें शामिल कर सकते थे ।

इस पुलिस भर्ती परीक्षा के पेपर से इस सरकार पर सवाल तो उठेगा आखिर क्यों नहीं हिंदी को जगह दी गई इस पेपर में नेपाली भाषा को क्यों जगह दी गई यह सवाल है हमारा इस सरकार से और यहां के सिस्टम से क्या आप भारत देश के नागरिक नहीं है क्या आप भारत के राष्ट्रभाषा हिंदी को आप राष्ट्रभाषा के रूप में नहीं मानते ऐसा क्यों ऐसा क्यों किया गया के पेपर बांग्ला और नेपाली भाषा में बनाया गया सवाल उठा है जब आप सिस्टम और सरकार से मिलने की आशा है।

Review पश्चिम बंगाल की सरकार हिंदी को राष्ट्रभाषा नहीं मानती.

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