रैयत विस्थापित मोर्चा की बैठक बड़की टाँड में हुई सम्पन

NH DESK JHARKHAND

विनीत कुमार, खलारी/ डकरा ,रांची

रैयत,विस्थापित, प्रभावित परिवारों को बगैर विश्वास में लिए कोई भी सरकार या कोयला कंपनी कोयला खदानों का विस्तार सही ढंग से नहीं कर सकती है.इसके लिए एक स्पष्ट नीति की जरूरत है ताकि कोयला खदानों का विस्तार के साथ साथ किसी भी रैयत,विस्थापित,प्रभावित परिवार को नुकसान ना हो.उक्त बातें रैयत विस्थापित मोर्चा के अध्यक्ष विगन सिंह भोक्ता ने कही.वे शनिवार को बड़कीटांड़ में हुई एक बैठक को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे.उन्होंने कहा कि देश गंभीर कोयला संकट से जूझ रहा है इसके लिए भारत सरकार के मंत्री पूरे देश के कोयला क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं लेकिन कोयला क्षेत्रों की जो असल समस्या है उस पर कहीं कोई बात नहीं हो रही है. कोयला मंत्री पिपरवार आये लेकिन पुलिस पदाधिकारियों ने उन पर इस तरीके से पहरा लगाए रखा कि टाना भगत परिवार से लेकर किसी भी रैयत विस्थापित लोगों मिलने नहीं दिया गया. यहां तक कि मीडिया कर्मियों को भी मंत्री से बात करने के लिए काफी मशक्कत करना पड़ा.इस प्रकार का माहौल बना कर जमीन पर बहुत बेहतर तरीके से किसी प्लानिंग पर काम नहीं हो सकता.देश को ऊर्जा के लिए कोयले की जरूरत है और तमाम कोयला क्षेत्र के रैयत, विस्थापित, प्रभावित परिवार इस जरूरत को पूरा करने के लिए तैयार है लेकिन इसके लिए एक स्पष्ट नीति सरकार की होनी चाहिए जो कहीं नहीं दिखाई देता है. जमीन लेने के बाद भी वर्षों वर्ष तक उन्हें दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही है और उन्हें नौकरी मुआवजा से भी वंचित रखा जा रहा है यह हालात बदलना पड़ेगा तभी कोयला के क्षेत्र में देश आत्मनिर्भर बन सकता है.बैठक में कोयला संकट और बिस्थापितों की समस्या पर विस्तृत चर्चा हुई.इस अवसर पर अनीता गंझू,विनय खलखो,नरेश गंझू,जालिम सिंह,रतिया गंझू,दामोदर गंझू,नारायण गंझू,सोमार गंझू,अमृत भोक्ता, रामलखन गंझू,प्रभु गंझू,राजेन्द्र उरांव,सुनीता देवी, गीता देवी, रामलखन गंझू,अरविंद सिंह आदि मौजूद थे

 

 

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