झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र कल से शुरू

NH DESK-JHARKHAND

जिला संवाददाता जितेंद्र कुमार

Ranchi: झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 से 22 दिसंबर तक चलेगा. लेकिन जैसे-जैसे मुद्दे राज्य में छाए हुए हैं, उससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि शीतकालीन सत्र बमुश्किल ही चल पाएगा. बीजेपी ने उन तमाम मुद्दों को शॉर्टलिस्ट कर लिया है, जिसे सदन में उठाया जाएगा. मुद्दों पर हंगामा जोरदार होने वाला है।

बीजेपी की तरफ से एक बार फिर से विधानसभा में नमाज कक्ष को लेकर हंगामा हो सकता है।दरअसल इस मामले का निदान निकालने के लिए स्टीफन मरांडी की अध्यक्षता में एक कमेटी बनायी गयी थी. कमेटी ने पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और छत्तीसगढ़ से पूछा है कि क्या आपके राज्य में नमाज कक्ष की व्यवस्था है या नहीं। पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ की तरफ से जवाब आ गया है. वहीं बिहार ने जवाब नहीं दिया है। पश्चिम बंगाल ने अपने यहां नमाज कक्ष की व्यवस्था की बात कबूली है, वहीं ओडिशा और छत्तीसगढ़ ने कहा है कि उनके राज्य में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है।बीजेपी ओडिशा और छत्तीसगढ़ के जवाब को आधार मानते हुए झारखंड से भी इस व्यवस्था को खत्म करने पर जोर देगी।

जेपीएससी होगा इस बार का होगा मुद्दा

आए दिन जेपीएससी को लेकर मीडिया में नए-नए खुलासे हो रहे हैं. जिस तरह के प्रमाण मीडिया में आ रहे हैं, उससे सातवीं, आठवीं, नौवीं और दसवीं जेपीएससी में गड़बड़ी की आशंका काफी प्रबल होते जा रही है. जेपीएससी की तरफ से 49 ओएमआर शीट का गायब हो जाना, निरीक्षक का हस्ताक्षर ना होना और बुकलेट के सीरियल में गड़बड़ी की बात सामने आना. हंगामे का मुख्य कारण बनेगा. बीजेपी इन सभी जेपीएससी में हुई गड़बड़ियों की जांच और दोषी पर कार्रवाई करने की मांग करेगी. जिससे सदन बाधित रहेगा।

 बैठक में प्रदीप यादव का शामिल होना

एक बार फिर से सत्ता पक्ष की तरफ से बीजेपी के शॉफ्ट कॉर्नर पर हाथ रख दिया गया है।कांग्रेस ने भले ही प्रदीप यादव को विधायक दल का उपनेता बनाया हो, लेकिन विधानसभा में अभी भी वो जेवीएम के ही विधायक हैं। जैसे बाबूलाल मरांडी बीजेपी की तरफ से नेता प्रतिपक्ष नहीं माने जाते हैं।बाबूलाल मरांडी, प्रदीप यादव और बंधु तिर्की तीनों पर दल-बदल के तहत मामला विधानसभा में विचाराधीन है। बावजूद इसके प्रदीप यादव शीतकालीन सत्र से पहले होने वाली सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस की तरफ से बतौर उपनेता पहुंचे।जबकि बाबूलाल को बतौर नेता प्रतिपक्ष नहीं बुलावा गया था। इस मामले को भी बीजेपी सदन में मुद्दा बनाएगी. जिससे हंगामे के पूरे आसार हैं।

नौकरी और नियुक्ति नियमावली बनेगा मुद्दा

सरकार की तरफ से जिस तरीके से नियुक्ति नियमावली में परिवर्तन किया जा रहा है। उससे अब अनारक्षित कोटे के वैसे ही उम्मीदवार किसी भी नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं, जिन्होंने झारखंड से ही मैट्रिक और इंटर पास किया है। यह मामला भी राज्य में काफी गरमाया हुआ है। साथ ही जिस तरीके से 2021 को सरकार की तरफ से नियुक्ति वर्ष घोषित किया गया था। लेकिन कुछ नियुक्तियां देने में ही सरकार सफल हो पायी है. इस मुद्दो को भी बीजेपी की तरफ से सदन में जोरदार तरीके से उठाया जाएगा।

Review झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र कल से शुरू.

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